नवादा: ओवरलोडेड वाहनों के दबाव से धंसी पुलिया, दर्जनभर गांवों का मुख्यालय से टूटा संपर्क

बिहार के नवादा जिले के रजौली इलाके में क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों की आवाजाही के कारण एक महत्वपूर्ण पुलिया ढह गई है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पुलिया ढहने से यातायात ठप

बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ ओवरलोडेड वाहनों के लगातार दबाव के कारण एक पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर गिर गई है। इस घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। पुलिया के टूटने के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क सीधे तौर पर प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है।

घटना का स्थान और कारण

यह घटना हरदिया पंचायत के सिंगर गांव के निकट हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुलिया फुलवरिया डैम और आसपास के जंगली क्षेत्रों के कई गांवों को आपस में जोड़ने का मुख्य जरिया थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इलाके में रेलवे ट्रैक के निर्माण कार्य में जुटी एजेंसी की लापरवाही इस दुर्घटना की मुख्य वजह है। कंपनी द्वारा सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहनों को इस ग्रामीण सड़क से लगातार गुजारा जा रहा था, जो कि पुलिया की भार क्षमता से कहीं अधिक थे। इन भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही ने पुलिया को पहले ही कमजोर कर दिया था, और शनिवार को एक और ओवरलोडेड ट्रक के गुजरते ही पुलिया ध्वस्त हो गई।

बड़ा हादसा होने से टला

राहत की बात यह रही कि पुलिया के गिरने के दौरान वहां कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सही समय पर सक्रियता दिखाते हुए पुलिया पर आवाजाही रोक दी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का मुआयना किया। पुलिया के अचानक ध्वस्त होने से लोगों में भारी आक्रोश है क्योंकि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, स्कूल जाने, अस्पताल पहुंचने और बाजार जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

प्रशासन से ग्रामीणों की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस ग्रामीण सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती। ग्रामीणों ने अब सरकार और जिला प्रशासन से निम्नलिखित प्रमुख मांगें की हैं:

  • रेलवे निर्माण कार्य करा रही एजेंसी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
  • टूटी हुई पुलिया का अविलंब पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
  • जब तक पुलिया तैयार नहीं होती, तब तक आवागमन के लिए एक सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।

फिलहाल, प्रशासन की ओर से अस्थायी रास्ता तैयार करने और पुलिया की मरम्मत के लिए योजना बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें इस संकट से मुक्ति मिलेगी।

https://hindi.news18.com/news/bihar/nawada-culvert-collapsed-in-nawada-due-to-overloaded-vehicle-local18-10647562.html