अमायरा की मौत के 8 महीने बाद फिर गरमाया मामला
जयपुर के प्रसिद्ध नीरजा मोदी स्कूल में 9 वर्षीय छात्रा अमायरा की मौत को 8 महीने बीत चुके हैं, लेकिन इस घटना का घाव अभी भी हरा है। पुलिस ने हाल ही में इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जिसके बाद एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में आ गया है। चार्जशीट के सामने आने के बाद अमायरा के माता-पिता और संयुक्त अभिभावक संघ ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। माता-पिता ने साफ कर दिया है कि उनकी यह कानूनी लड़ाई केवल अपनी बेटी के न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि समाज में स्कूलों के भीतर बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश जाए।
भावुक हुईं मां शिवानी
प्रेस वार्ता के दौरान अमायरा की मां शिवानी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं। उन्होंने अपनी बेटी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना घर और अपनी नौकरी सब कुछ छोड़ दिया है ताकि वे इस मामले में न्याय के लिए लड़ सकें। शिवानी ने बहुत ही भावुक होते हुए कहा, 'मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वो किसी और बच्चे के साथ न हो।' उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि इस मामले में ऐसी कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए नजीर बने। उनका मानना है कि यदि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्कूलों में मासूम बच्चों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।
पिता विजय मीणा की मांगें
अमायरा के पिता विजय मीणा ने इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। विजय मीणा ने कहा कि पुलिस को इस मामले में केवल खानापूर्ति नहीं करनी चाहिए, बल्कि दोषियों को गिरफ्तार कर उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग उठाई है कि मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने यानी एबेटमेंट से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने स्कूल प्रशासन, प्रिंसिपल और अन्य संबंधित अधिकारियों पर जुवेनाइल जस्टिस यानी किशोर न्याय (देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की पुरजोर अपील की है।
1 नवंबर 2025 की वो घटना
यह दर्दनाक वाकया 1 नवंबर 2025 का है, जब जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल परिसर में 9 वर्षीय अमायरा की रहस्यमयी स्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना ने न केवल जयपुर बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद से ही अमायरा के माता-पिता लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। अब करीब 8 महीने बाद जब पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है, तो परिवार का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पुलिस द्वारा तैयार की गई चार्जशीट के कई बिंदुओं पर असंतोष जताया है और कई अहम पहलुओं को अनदेखा किए जाने की आशंका जताई है।
संयुक्त अभिभावक संघ का मिला साथ
इस लड़ाई में अब संयुक्त अभिभावक संघ भी मजबूती के साथ अमायरा के परिवार के साथ खड़ा है। प्रेस वार्ता में संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर सुनिश्चित होनी चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में प्रशासन ने प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन तेज करेंगे। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित गढ़ बनना चाहिए और यदि वहां कोई दुर्घटना होती है, तो जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा पर बड़ा सवाल
अमायरा के माता-पिता की यह मुहिम अब एक व्यापक रूप ले चुकी है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह न मोड़ें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कोर्ट इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाएगा ताकि किसी भी अन्य परिवार को उस असहनीय पीड़ा से न गुजरना पड़े, जिसे अमायरा के जाने के बाद उनका परिवार पिछले 8 महीनों से झेल रहा है।
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