मोनालिसा लापता: केरल पुलिस ढूंढने में नाकाम, हाईकोर्ट ने सुरक्षा का आदेश क्यों वापस लिया

कुंभ मेले से चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले की तलाश में जुटी केरल पुलिस को बड़ा झटका लगा है। पुलिस उनके दिए गए पते पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद केरल हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने वाला अपना पिछला आदेश रद्द कर दिया है।

केरल पुलिस की पहुंच से दूर मोनालिसा

कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आईं मोनालिसा भोसले की गुमशुदगी ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। केरल सरकार ने हाईकोर्ट में यह स्वीकार किया है कि पुलिस मोनालिसा से संपर्क साधने में पूरी तरह से विफल रही है। याचिका में मोनालिसा ने जो पता और संपर्क विवरण साझा किए थे, पुलिस वहां तक पहुंचने की हर संभव कोशिश कर चुकी है, लेकिन वह कहीं भी नहीं मिल रही हैं। इसी स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने वह अंतरिम आदेश वापस ले लिया है, जिसके तहत उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जानी थी। अब सवाल यह है कि मोनालिसा आखिर कहां चली गई हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं ढूंढ पा रही है?

कोर्ट ने क्यों रद्द किया सुरक्षा आदेश

जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की बेंच के सामने जब राज्य सरकार के वकील ने यह दलील दी कि पुलिस मोनालिसा से संपर्क नहीं कर पा रही है, तो अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम सुरक्षा आदेश को रद्द कर दिया। सरकारी पक्ष का कहना है कि प्रशासन ने सुरक्षा प्रदान करने के भरपूर प्रयास किए, लेकिन याचिकाकर्ता से संपर्क न हो पाने के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। कोर्ट को बताया गया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, यह एक नियमित पैटर्न बन गया है कि जब भी वह अदालत में सुरक्षा की गुहार लगाती हैं, बाद में पुलिस उनसे संपर्क नहीं कर पाती। इस मामले की अगली सुनवाई अब 21 जुलाई को तय की गई है।

वकील की स्थिति और आगे का रास्ता

सुनवाई के दौरान मोनालिसा के वकील ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार के इन दावों और दलीलों पर उन्हें अपनी मुवक्किल से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने 19 जून को पारित अपने उस आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया, जिसमें सुरक्षा के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर भविष्य में मोनालिसा स्वयं लिखित रूप में पुलिस से सुरक्षा की मांग करती हैं, तो अधिकारियों को कानून के मुताबिक उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध करानी होगी।

सोशल मीडिया पर नफरत का आरोप

मोनालिसा ने अपनी याचिका में केरल हाईकोर्ट को बताया था कि मोहम्मद फरमान के साथ विवाह के बाद उन्हें सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया के कुछ वर्गों में नफरत भरे अभियानों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि वह इन हमलों की वजह से डरी हुई हैं और इसी कारण उन्होंने अदालत की शरण ली थी।

विवादों से रहा है पुराना नाता

मोनालिसा भोसले का नाम उस समय देशभर में मशहूर हुआ था जब महाकुंभ के दौरान उनके रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद वह चर्चाओं के केंद्र में आ गईं। बाद में उन्होंने केरल जाकर मोहम्मद फरमान नाम के युवक से शादी कर ली। इस विवाह के खिलाफ मोनालिसा के परिवार वाले पूरी तरह से खड़े थे। उनके पिता ने मध्य प्रदेश में एक शिकायत भी दर्ज करवाई थी, जिसमें फरमान पर अपनी बेटी के अपहरण का गंभीर आरोप लगाया गया था। उस मामले के बाद ही यह जोड़ा केरल हाईकोर्ट पहुंचा था। इससे पहले कोर्ट ने फरमान को एक महीने की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी ताकि वह मध्य प्रदेश की संबंधित अदालतों में जाकर नियमित राहत मांग सकें, लेकिन पिछले हफ्ते केरल हाईकोर्ट ने उस ट्रांजिट अग्रिम जमानत को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

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