माफिया पर सीआईएसएफ का कड़ा प्रहार
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ को मिली नई विशेष शक्तियों के बाद कोयला माफिया की कमर टूटती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल से लेकर झारखंड तक फैले कोयला माफियाओं के बीच इस समय हड़कंप मचा हुआ है। आलम यह है कि इन माफियाओं को अब अपना बोरिया बिस्तर समेटकर भागने के अलावा कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी जीरो कोल लीकेज मुहिम को सफल बनाने के लिए सीआईएसएफ अब एक नए और आक्रामक रूप में सामने आई है। एमएमडीआर एक्ट के अंतर्गत मिले नए अधिकारों ने सीआईएसएफ को सुरक्षा के दायरे से बाहर निकालकर सीधे अवैध खनन, भंडारण और कोयले की अवैध तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति दे दी है।
कानूनी अधिकार और एमएमडीआर एक्ट की भूमिका
सीआईएसएफ की इस नई ताकत का आधार खान और खनिज विकास और विनियमन अधिनियम 1957 यानी एमएमडीआर एक्ट की धारा 22, 23बी और 24 है। इस कानून के तहत सीआईएसएफ के नामित अधिकारियों को अब विशेष शक्तियां प्राप्त हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि अब सीआईएसएफ केवल कोयला खदानों की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले अपराधियों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्यवाही करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। इसी शक्ति के बल पर सुरक्षा बल ने 4 जुलाई से 8 जुलाई 2026 के बीच झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख कोयला क्षेत्रों में सघन संयुक्त अभियान चलाकर माफियाओं को बैकफुट पर धकेल दिया है।
छापेमारी का विवरण और जप्ती
सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष अभियान में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी ईसीएल और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड यानी सीसीएल के अधीन आने वाले तमाम इलाकों को लक्षित किया गया है। इस पांच दिवसीय ऑपरेशन का ब्यौरा चौंकाने वाला है:
- कुल 428.34 मीट्रिक टन से अधिक अवैध कोयला जब्त किया गया है।
- अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
- एक हाइवा ट्रक और 13 से अधिक मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
- अवैध खनन के काम में इस्तेमाल होने वाले तमाम औजार और उपकरण जब्त किए गए हैं।
- पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट की धाराओं के तहत सख्त कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बीसीसीएल धनबाद और ईसीएल में ताबड़तोड़ कार्रवाई
सबसे बड़ी कार्रवाई बीसीसीएल के धनबाद क्षेत्र में देखी गई। यहां कतरास, बसंतीमाता, कारगिल, कुस्तौर, सिजुआ, जियलगोरा, बरोरा, गोविंदपुर और एनटीएसटी जैसे क्षेत्रों में खुफिया इनपुट के आधार पर ड्रोन की मदद से निगरानी की गई। जमीनी स्तर पर हुए सर्च ऑपरेशन में 319.54 मीट्रिक टन अवैध कोयला बरामद हुआ। इसके साथ ही कोयला लदा एक ट्रक और कई मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। उधर पश्चिम बंगाल के ईसीएल सीतलपुर क्षेत्र में भी सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद रहे। राजमहल, सालानपुर, चित्रा, चापापुर 2 ओसीपी, सोनपुर बाजारी और कुनुस्तोरिया जैसे इलाकों में हुई छापेमारी में न केवल कोयला पकड़ा गया, बल्कि कोयला डिपो, धर्मकांटों, परिवहन दस्तावेजों और उत्पादन रिकॉर्ड की भी गहन जांच की गई। इस दौरान 85.93 मीट्रिक टन कोयला बरामद हुआ और कई घुसपैठियों को पकड़ा गया।
सीसीएल क्षेत्रों में सक्रियता
झारखंड के सीसीएल पिपरवार क्षेत्र में रूटीन चेकिंग के दौरान एक हाइवा ट्रक पकड़ा गया, जिसमें अवैध तरीके से कोयला छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस दौरान 13.62 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त कर ट्रक को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, सीसीएल करगली क्षेत्र में चलाए गए विशेष ऑपरेशन में 9.25 मीट्रिक टन अवैध कोयला मिला और खनन कार्य में इस्तेमाल हो रही 7 मोटरसाइकिलें जब्त कर ली गईं। सीआईएसएफ के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि कोयले की चोरी और अवैध व्यापार को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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