अयोध्या में दान का पूरा हिसाब
अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट इस समय अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। मंदिर में मिल रहे चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों के बीच ट्रस्ट ने अब पारदर्शिता बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने सिंधी समाज की ओर से दान की गई 200 किलोग्राम चांदी का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। यह चांदी विश्व सिंधी सेवा संगम के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट राजू मनवानी और उनके साथियों ने रामलला के चरणों में भेंट की थी। हालांकि, मंदिर में चढ़ावे को लेकर हुई हालिया चर्चाओं के बाद दानदाताओं ने अपनी भेंट को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की थीं, जिसका अब ट्रस्ट ने जवाब दिया है।
चांदी की ईंटों को गलाकर बनाई गईं बड़ी सिल्लियां
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्द देव गिरि ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि समाज द्वारा दान की गई चांदी की प्रत्येक ईंट पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि इस दान का पूरा विवरण ट्रस्ट के आधिकारिक रजिस्टर में 96 नंबर की एंट्री के रूप में दर्ज है। ट्रस्ट के अनुसार, एक-एक किलो वजन वाली इन 200 ईंटों को अगस्त 2024 में हैदराबाद स्थित मिंट कॉरपोरेशन की शाखा में भेजा गया था। वहां इन्हें पिघलाकर 20-20 किलो की बड़ी चांदी की शुद्ध सिल्लियों में बदला गया है। ये सिल्लियां वर्तमान में अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के लॉकर में कड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई हैं।
राजू मनवानी ने दी अपनी प्रतिक्रिया
ट्रस्ट द्वारा भेजे गए स्पष्टीकरण और सबूतों के बाद सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने संतोष व्यक्त किया है। राजू मनवानी ने राम मंदिर ट्रस्ट का आभार जताते हुए कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि सिंधी समुदाय द्वारा दी गई चांदी सुरक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि वे जल्द ही रामलला के दर्शन करने के लिए पुनः अयोध्या की यात्रा करेंगे। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी 2021 को जब यह चांदी दान की गई थी, तब संस्था ने आरोप लगाया था कि उन्हें दान की कोई विधिवत रसीद नहीं दी गई थी और न ही उन्हें यह जानकारी मिल पा रही थी कि दान की गई वस्तु का उपयोग कहां हो रहा है।
ट्रस्ट की ओर से सदस्यों से मांगी गई जानकारी
अपनी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने सिंधी समाज के सभी संबंधित सदस्यों से संपर्क किया है। ट्रस्ट ने यह आश्वासन दिया है कि उनकी ओर से दी गई चांदी बहुमूल्य धातुओं के रिकॉर्ड में दर्ज है और उसे 99.99 प्रतिशत शुद्धता के साथ सुरक्षित रखा गया है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सदस्य को कोई संशय है, तो वह सीधे ट्रस्ट से संपर्क कर रसीद प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ट्रस्ट ने समाज के सदस्यों से उनके नाम, पते, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जैसे विवरण मांगे हैं ताकि सभी दस्तावेजों को विधिवत अपडेट किया जा सके।
राम मंदिर ट्रस्ट की भविष्य की योजनाएं
राम मंदिर में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए ट्रस्ट अब कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। मंदिर के प्रबंधन में एक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति की जाएगी, बैंक संबंधी कामकाज की व्यवस्था बदली जाएगी और निगरानी तंत्र को और अधिक चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। ट्रस्ट का यह भी कहना है कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि उन्होंने चोरी के धन से कोई संपत्ति खरीदी है, तो उसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सोने की रामायण मिलने के बाद चांदी की ईंटों का हिसाब मिलने से प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों का मुख्य लक्ष्य यह है कि राम मंदिर में व्यवस्थाओं को इस तरह पटरी पर लाया जाए कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रष्टाचार के आरोपों का मौका न मिले।
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