ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, कहा- एक हमले के बदले करेंगे 20 हमले

शांति समझौते को रद्द करने के बाद अमेरिका ने ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान की हर हरकत का जवाब 20 गुना अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा।

ईरान के ठिकानों पर अमेरिका की भीषण एयरस्ट्राइक

पीस डील यानी शांति समझौते को खत्म करने की घोषणा करने के बाद, बुधवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास को निशाना बनाया और वहां मिसाइलों से जोरदार हमला किया। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ने पिछली रात के अपने अपमान का बदला ले लिया है।

ट्रंप ने अपने बयान में दो टूक कहा कि अगर ईरान भविष्य में अमेरिका पर कोई भी हमला करेगा, तो उसे 20 गुना भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने तीन नावों पर हमला किया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी ईरान हमला करने की कोशिश करता है, अमेरिका उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और आक्रामक जवाब देने में विश्वास रखता है। गौरतलब है कि इस कार्रवाई से एक दिन पहले, यानी मंगलवार को भी अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।

डील करने के लिए बेताब है ईरान

ईरान पर लगातार हो रहे हमलों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब किसी भी कीमत पर समझौता करने को तैयार है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब बहुत कम विकल्प बचे हैं और वे खुद बातचीत के लिए फोन कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने संदेह जताते हुए कहा कि वे यह नहीं जानते कि ईरान समझौते के सम्मान के लायक है या नहीं। जब उनसे पूछा गया कि यदि ईरान डील करना चाहता है तो उसने कमर्शियल जहाजों पर हमला क्यों किया, तो ट्रंप ने ईरान के व्यवहार को सनकी बताया।

स्पेन के साथ संबंधों पर चर्चा

अपनी विदेश नीति को लेकर बात करते हुए ट्रंप ने स्पेन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्पेन को लेकर उनकी पुरानी शिकायतें थीं और कुछ समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी माना कि स्पेन ने अब भुगतान की उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अगर स्पेन ने उनकी शर्तों को नहीं माना होता, तो अमेरिका उनसे कोई चर्चा नहीं करता।

ग्रीनलैंड और ईरान पर निर्भर है भविष्य की रणनीति

जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या अमेरिका यूरोप से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है, तो उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से ग्रीनलैंड और ईरान की स्थितियों पर निर्भर करता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब मदद करने के लिए इच्छुक है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है क्योंकि लड़ाई का स्तर काफी कम हो गया है।

भारत-पाकिस्तान विवाद पर ट्रंप का बड़ा दावा

इस दौरान ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उस समय युद्ध की स्थिति काफी गंभीर थी और 11 विमान मार गिराए गए थे। ट्रंप के अनुसार, स्थिति इतनी भयावह थी कि वह परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकती थी। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने माना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बची, हालांकि ट्रंप का मानना है कि बचाई गई जानों की यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती थी।

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