महाराष्ट्र के नागपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पाकिस्तान में बनने वाली 'गोरी ब्यूटी क्रीम' की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों को इस सौंदर्य उत्पाद का उपयोग तुरंत बंद करने की सख्त हिदायत दी है। नागपुर में लगभग दो महीने पहले बड़ी मात्रा में इस क्रीम को जब्त किया गया था, जिसके बाद प्रयोगशाला में कराई गई जांच में इसके नमूने पूरी तरह से फेल पाए गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इस क्रीम में मरकरी (पारा) और लेड (सीसा) जैसे बेहद हानिकारक और विषैले रसायनों की मात्रा तय मानकों से काफी अधिक है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
त्वचा को गोरा करने के झूठे दावों के पीछे सेहत से खिलवाड़
यह ब्यूटी क्रीम उपभोक्ताओं को रातों-रात गोरा बनाने का भ्रामक और झूठा दावा करती थी। लेकिन इस गोरेपन के दावे के पीछे स्वास्थ्य के साथ होने वाला एक बड़ा खिलवाड़ छिपा हुआ था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, वास्तव में कोई भी क्रीम किसी व्यक्ति की त्वचा के प्राकृतिक रंग को पूरी तरह से गोरा नहीं बना सकती। इसके विपरीत, इस पाकिस्तानी क्रीम में मिलाए गए हानिकारक तत्व शरीर को अंदरूनी रूप से खोखला कर रहे थे। त्वचा के माध्यम से यह रसायन शरीर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं, जिससे न केवल त्वचा झुलस सकती है, बल्कि शरीर के मुख्य अंगों को भी भारी क्षति पहुंचती है।
किडनी के लिए अत्यंत घातक हैं ये भारी धातुएं
जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस क्रीम के इस्तेमाल से महिलाओं के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ रहा था। कुछ महिलाओं में 'मेम्ब्रेनस नेफ्रोपैथी' नामक किडनी की गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई दिए थे, जिसके बाद इस क्रीम का असली चेहरा सामने आया। चिकित्सा विशेषज्ञों और औषधि विभाग के सह आयुक्त के मुताबिक, यदि किसी उत्पाद में मरकरी की मात्रा बहुत ज्यादा हो, तो वह त्वचा के रोमछिद्रों के रास्ते सीधे शरीर में प्रवेश कर जाती है। इसके बाद यह सीधे किडनी यानी गुर्दे पर हमला करती है और उन्हें पूरी तरह से डैमेज कर सकती है। इसके साथ ही यह शरीर के अन्य संवेदनशील अंगों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है।
पुणे की प्रयोगशाला में जांच के दौरान फेल हुए सैंपल
नागपुर के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने संदिग्ध उत्पादों को जब्त करने के बाद उनके नमूनों को पुणे की एक सरकारी प्रयोगशाला में विस्तृत जांच के लिए भेजा था। लैब से आई जांच रिपोर्ट ने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि गोरी क्रीम के भीतर 11944 PPM मरकरी और 32 PPM सीसा (लेड) मौजूद था। भारी धातुओं का यह स्तर सुरक्षित सीमाओं से कहीं अधिक है। पुणे लैब की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही विभाग ने इस क्रीम की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने और बाजार से इसकी खेप वापस लेने का फैसला किया।
पैकेट पर नहीं था कोई विवरण, कॉस्मेटिक नियमों का गंभीर उल्लंघन
एफडीए की जांच में केवल रसायनों की मिलावट ही नहीं, बल्कि पैकेजिंग से जुड़े नियमों का भी घोर उल्लंघन पाया गया। विभाग द्वारा जब्त किए गए क्रीम के पैकेट्स पर निर्माता कंपनी का नाम, उसका पता, बैच नंबर, उत्पादन की तारीख और उत्पाद की एक्सपायरी डेट जैसी बुनियादी और अनिवार्य जानकारियां भी अंकित नहीं थीं। नियमों के तहत किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद पर इन जानकारियों का होना बेहद जरूरी है, ताकि उपभोक्ता उसकी गुणवत्ता और उपयोग की अवधि के बारे में जान सकें। इस तरह की महत्वपूर्ण जानकारी का न होना सौंदर्य प्रसाधन नियमों की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
अप्रैल और मई के महीनों में ताबड़तोड़ छापेमारी
इस पूरे मामले का खुलासा नागपुर के इतवारी बाजार में हुई बड़ी कार्रवाई से हुआ। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने 20 अप्रैल से 10 मई के बीच सघन तलाशी अभियान चलाया था। इस अभियान के तहत कई दुकानों और गोदामों पर छापे मारे गए। इस दौरान प्रशासन ने 15186 रुपये मूल्य की पाकिस्तानी मूल की गोरी ब्यूटी क्रीम, फेस फ्रेश गोल्ड प्लस क्रीम, गोल्डन स्टार ब्यूटी क्रीम और गोरी व्हाइटनिंग बॉडी लोशन को अपने कब्जे में लिया था।
यह कार्रवाई केवल नागपुर तक ही सीमित नहीं थी। इसी वर्ष अप्रैल के महीने में महाराष्ट्र के धुलिया और संभाजी नगर जिलों से भी इन पाकिस्तानी ब्यूटी क्रीमों के दुष्प्रभावों को लेकर शिकायतें दर्ज की गई थीं। इसके तुरंत बाद ही पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई थी और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई। जब्त किए गए उत्पादों के डिब्बों पर स्पष्ट रूप से 'मेड इन पाकिस्तान' लिखा हुआ था, जिसके बाद यह पुष्टि हो गई कि यह खतरनाक उत्पाद सीमा पार से अवैध रूप से भारतीय बाजारों में खपाए जा रहे थे।
https://www.indiatv.in/maharashtra/pakistan-goree-beauty-cream-banned-after-tests-found-high-level-mercury-and-lead-which-can-cause-kidney-damage-2026-07-06-1229534