शेयर में 17% की गिरावट के बावजूद दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने क्यों लगाए 65 करोड़ रुपये?

शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने ईटूई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है, जबकि लिस्टिंग के बाद से ही इसके भाव में 17 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

निवेश का बड़ा दांव

भारतीय शेयर बाजार में जब कोई दिग्गज निवेशक किसी छोटी कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदता है, तो वह पूरे बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। हाल ही में मार्च 2026 तिमाही के दौरान, जाने-माने निवेशक मुकुल अग्रवाल का एक नया निवेश चर्चा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने बेंगलुरु स्थित रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी, ईटूई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में 65 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया है। दिलचस्प बात यह है कि यह शेयर अपनी बाजार में लिस्टिंग के बाद से अब तक 17 फीसदी टूट चुका है, फिर भी मुकुल अग्रवाल का इस पर भरोसा कायम है।

शेयर का हाल और कंपनी का सफर

ईटूई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर ने दिसंबर 2025 के अंतिम दिनों में एसएमई आईपीओ के माध्यम से शेयर बाजार में कदम रखा था। उस समय इस शेयर का लिस्टिंग मूल्य 325 रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि, 2 जुलाई 2026 तक आते-आते यह शेयर 17 फीसदी गिरकर 270 रुपये पर आ गया है। आम तौर पर जब किसी कंपनी का प्रदर्शन खराब होता है, तो निवेशक उससे किनारा कर लेते हैं, लेकिन स्मॉलकैप स्टॉक्स में मल्टीबैगर कंपनियों को पहचानने के लिए पहचाने जाने वाले मुकुल अग्रवाल ने इसके उलट मार्च तिमाही में कंपनी की कुल 13.94 फीसदी हिस्सेदारी अपने नाम कर ली।

निवेश के पीछे की ठोस वजहें

बाजार के जानकारों के अनुसार, मुकुल अग्रवाल के इस फैसले के पीछे कंपनी का मजबूत बिजनेस मॉडल और भारत में तेजी से विकसित हो रहा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर है। ईटूई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर रेलवे के लिए एक मुख्य सिस्टम इंटीग्रेटर के रूप में अपनी सेवाएं देती है। कंपनी के प्रमुख कार्यों में रेलवे सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, दूरसंचार और ट्रैक बिछाने से संबंधित जटिल काम शामिल हैं।

यह कंपनी पहले ही कई हाई-प्रोफाइल परियोजनाओं में अपनी भागीदारी निभा चुकी है। इसके कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं:

  • हैदराबाद, नागपुर और चेन्नई मेट्रो का सिग्नलिंग कार्य।
  • मुंबई मेट्रो लाइन-3 के लिए प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स की स्थापना।
  • विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में रेलवे संबंधी बुनियादी ढांचे का विकास।

इसके अतिरिक्त, कंपनी को हाल ही में पूर्व रेलवे की लगभग 49 करोड़ रुपये की सिग्नलिंग परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में चुना गया है।

मुनाफे की ओर बढ़ते कदम

ईटूई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर का वित्तीय इतिहास घाटे से मुनाफे की ओर बदलाव का रहा है। हालांकि, यह निवेश एक बड़ा अवसर होने के साथ-साथ उच्च जोखिम भी लेकर आया है। मुख्य रूप से यह कंपनी एनएससी के मुख्य बोर्ड पर नहीं, बल्कि एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध है। एसएमई प्लेटफॉर्म पर शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है और उतार-चढ़ाव की संभावना काफी अधिक रहती है।

चूंकि कंपनी को बाजार में आए हुए अभी कुछ ही महीने हुए हैं, इसलिए निवेशकों के पास इसके पिछले 5 से 10 वर्षों के वित्तीय प्रदर्शन को आंकने का कोई लंबा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मुकुल अग्रवाल का यह निवेश कंपनी की भविष्य की विकास क्षमता और रेलवे क्षेत्र की बढ़ती मांग पर उनके मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

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