फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन का जलवा, 16 साल के सूखे को खत्म कर नॉकआउट में भरी हुंकार

मिकेल ओयार्जाबल के दो गोलों की बदौलत स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में प्रवेश कर लिया है। स्पेन की टीम ने लगातार चार मैचों में क्लीन शीट रखकर रक्षा पंक्ति की अभेद्य दीवार साबित की है।

16 साल बाद नॉकआउट में बड़ी जीत

फुटबॉल के मैदान पर स्पेन की टीम ने फिर से अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। इंगलवुड में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में जीत का स्वाद चखा है। मिकेल ओयार्जाबल इस मैच के असली नायक रहे जिन्होंने अपनी टीम के लिए दो महत्वपूर्ण गोल दागे। उनकी शानदार फॉर्म और टीम की एकजुटता ने उन्हें खिताब का सबसे बड़ा दावेदार बना दिया है।

अभेद्य दीवार बनी स्पेन की डिफेंस

स्पेन की सबसे बड़ी ताकत इस पूरे टूर्नामेंट में उनकी रक्षा पंक्ति रही है। मौजूदा वर्ल्ड कप में अभी तक कोई भी विपक्षी टीम स्पेन के खिलाफ गोल करने में नाकाम रही है। गोलकीपर उनाई साइमन ने लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट बरकरार रखकर इतिहास रच दिया है। ऑस्ट्रियाई टीम पूरे 90 मिनट के खेल के दौरान स्पेन के गोल पोस्ट पर एक भी शॉट नहीं मार पाई, जो यह दर्शाता है कि स्पेन की रक्षात्मक रणनीति कितनी सटीक और मजबूत है।

मैच का आंखों देखा हाल

मैच के 36वें मिनट में मिकेल ओयार्जाबल ने पहला गोल करके स्पेन का खाता खोला। मार्क कुकुरेला ने इस गोल में बेहतरीन सहायता की। इसके बाद दूसरे हाफ में स्पेन ने और अधिक आक्रामकता दिखाई। मैच के 66वें मिनट में पेड्रो पोरो ने हेडर के जरिए शानदार गोल करते हुए स्कोर को 2-0 कर दिया। खेल के अंत में 89वें मिनट में ओयार्जाबल ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल करके जीत पक्की कर दी। ऑस्ट्रियाई गोलकीपर अलेक्जेंडर श्लागर ने पूरे मैच में छह बेहतरीन बचाव किए, लेकिन वे स्पेनिश आक्रमण को पूरी तरह रोकने में असफल रहे।

युवा स्टार लामिन यामल का प्रदर्शन

18 वर्षीय युवा सनसनी लामिन यामल भले ही इस मैच में गोल नहीं कर सके, लेकिन उनका खेल प्रशंसकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। सोफी स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने उनके हर मूव का स्वागत तालियों से किया। यामल इस मैच में 85 मिनट तक मैदान पर डटे रहे, जो कि इस टूर्नामेंट में किसी भी मैच में उनका सबसे लंबा समय है। उन्होंने गोल पर कुल चार शॉट जमाए, जो स्पेन द्वारा लिए गए कुल 10 शॉट्स का एक बड़ा हिस्सा था।

खिताब की ओर बढ़ती स्पेन की चाल

स्पेन की टीम के लिए पिछला कुछ समय कठिन रहा था। पिछले तीन विश्व कप में टीम का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा था, जिसमें दो बार उन्हें नॉकआउट और एक बार ग्रुप स्टेज से ही बाहर होना पड़ा था। हालांकि, इस बार टीम ने बिल्कुल सही समय पर अपनी फॉर्म वापस पाई है। ओयार्जाबल ने मैच के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण जीत थी। अब टीम का अगला लक्ष्य सोमवार को डलास में होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच में पुर्तगाल की चुनौती का सामना करना है। पुर्तगाल ने अपने पिछले मैच में क्रोएशिया को 2-0 से हराकर आत्मविश्वास हासिल किया है, जिसके कारण यह मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

स्पेन की रणनीति और भविष्य की राह

स्पेन के कोच ने जिस तरह से अपनी टीम के आक्रामक और कलात्मक खेल का संतुलन बनाया है, वह काबिले तारीफ है। एलेक्स बाएना की फ्री किक से लेकर मिडफील्ड से मिलने वाले सटीक पास तक, सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा है। टीम के हौसले बुलंद हैं और फैंस को उम्मीद है कि 2010 की तरह इस बार भी स्पेन विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर सकता है। ऑस्ट्रिया ने 1998 के बाद नॉकआउट में जगह बनाकर अपनी छाप छोड़ी थी, लेकिन स्पेन की अभेद्य दीवार के सामने उनकी एक न चली।

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