यूपीटीईटी परीक्षा के दौरान मिर्जापुर में यातायात व्यवस्था में बदलाव
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी के आयोजन के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और वे समय पर अपने केंद्रों तक पहुंच सकें, इसे सुनिश्चित करने के लिए मिर्जापुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। जिले में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर नो एंट्री की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे शहर के भीतर होने वाले यातायात दबाव को कम किया जा सके। एसपी के निर्देशों के अनुसार, यह नई व्यवस्था शहर की शांति और सुचारू यातायात के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नो एंट्री का समय और अवधि
प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिले में भारी वाहनों की आवाजाही पर यह प्रतिबंध 2 जुलाई से 6 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान हर दिन सुबह 5 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक शहर की सीमाओं में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। यदि इस व्यवस्था के सफल परिणाम सामने आते हैं और परीक्षा के दौरान स्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो प्रशासन इस प्रतिबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
शहर के प्रवेश मार्गों पर पुलिस का कड़ा पहरा
नो एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए मिर्जापुर के विभिन्न प्रमुख प्रवेश द्वारों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ सिविल पुलिस को भी यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे किसी भी नियम उल्लंघनकर्ता पर कड़ी कार्रवाई करें। भारी वाहनों को रोकने के लिए निम्नलिखित स्थानों को चिन्हित किया गया है:
- सोनभद्र की ओर से आने वाले वाहनों को बरकछा हाईवे ओवर ब्रिज के पास रोका जा रहा है।
- वाराणसी की तरफ से आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को अघवार चौराहे पर रोकने की व्यवस्था की गई है।
- रीवा की दिशा से आने वाले बड़े वाहनों को समोगरा चौराहे के समीप रोका जाएगा।
- प्रयागराज की ओर से शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों को गैपुरा चौकी के पास रोका जा रहा है।
इन सभी स्थानों पर रोके गए वाहनों को रात 10 बजे के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी, जब शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाता है।
किन वाहनों को मिली है छूट
प्रशासन ने इस प्रतिबंध के दायरे से कुछ आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को बाहर रखा है ताकि आम जनजीवन और जरूरी आपूर्ति प्रभावित न हो। नो एंट्री के नियमों से जिन वाहनों को छूट दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- दूध की आपूर्ति करने वाले वाहन।
- पेट्रोलियम और ईंधन ले जाने वाले टैंकर।
- यात्री बसें।
- आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन (जैसे एम्बुलेंस)।
इसके विपरीत, गिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रकों पर यह पाबंदी पूरी तरह लागू रहेगी।
परीक्षा के लिए प्रशासन की प्राथमिकता
मिर्जापुर में यूपीटीईटी की परीक्षा कई केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिनमें से अधिकांश केंद्र शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में स्थित हैं। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए यह देखा गया है कि शहर में भारी वाहनों के बेतहाशा प्रवेश से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे परीक्षार्थी केंद्रों तक पहुंचने में देरी का शिकार हो जाते हैं। विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एसपी ने इस नो एंट्री जोन को लागू किया है, ताकि वे बिना किसी तनाव के अपनी परीक्षा दे सकें।
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