सफलता की मिसाल: टेलर मां और ड्राइवर पिता के बेटे निखिल अग्रवाल ने NIMCET में किया टॉप

कानपुर के रहने वाले निखिल अग्रवाल ने कठिन NIMCET परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है। बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले निखिल की यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले निखिल अग्रवाल ने देश भर में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। निखिल ने एमसीए में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा NIMCET में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में रहकर भी बड़े सपने देखते हैं।

साधारण परिवार, असाधारण हौसले

निखिल अग्रवाल के घर की आर्थिक स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन उनके हौसलों में कभी कमी नहीं आई। उनके पिता मुकेश कुमार अग्रवाल एक ड्राइवर हैं और अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं, उनकी मां माधुरी अग्रवाल घर पर सिलाई और कढ़ाई का काम करती हैं, ताकि घर की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। परिवार की तंगहाली के बावजूद, निखिल ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। वे कानपुर के कल्याणपुर इलाके के निवासी हैं। उनके माता-पिता ने खुद बहुत कम शिक्षा प्राप्त की है; उनके पिता ने 10वीं और मां ने 5वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। अपने माता-पिता के इस कठिन जीवन को देखकर निखिल ने बचपन में ही ठान लिया था कि वे अपनी मेहनत और शिक्षा के माध्यम से परिवार की गरीबी को दूर करेंगे।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि और लक्ष्य

निखिल की शैक्षणिक यात्रा भी शानदार रही है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कानपुर के गार्डेनिया स्कूल से पूरी की है। उन्होंने 10वीं कक्षा में 86 प्रतिशत और 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत अंक अर्जित किए। निखिल का स्पष्ट लक्ष्य एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में अधिकारी बनकर अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करना है। अब उनकी योजना एनआईटी त्रिची से एमसीए की पढ़ाई पूरी करने की है। उन्होंने शुरुआत में सीयूईटी यूजी परीक्षा दी थी, जिसके परिणामों में देरी होने के कारण उन्होंने छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी यानी CSJMU में दाखिला ले लिया था। बाद में सीयूईटी यूजी का परिणाम आने पर उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी सीट मिल रही थी, लेकिन बीसीए के पहले साल के दौरान ही उनका ध्यान NIMCET की तरफ गया और उन्होंने पूरी तरह से उसकी तैयारी शुरू कर दी।

ट्यूशन पढ़कर जुटाई फीस

आर्थिक तंगी के बावजूद निखिल ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। NIMCET 2026 की तैयारी के लिए कोचिंग का सहारा लेते समय उन्होंने अपनी फीस भरने के लिए खुद बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। उनकी लगन और स्थिति को देखते हुए कोचिंग संस्थान ने उनकी फीस का एक बड़ा हिस्सा माफ भी कर दिया था, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल पाया। अपनी सफलता का श्रेय निखिल अपने अनुशासित जीवनशैली, कठोर मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने माता-पिता के अटूट आशीर्वाद को देते हैं।

अन्य परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन

निखिल अग्रवाल की सफलता केवल NIMCET तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने CUET PG परीक्षा में भी देशभर में 90वीं रैंक हासिल की थी। इसके अलावा, CSJMU MCA प्रवेश परीक्षा में उन्होंने तीसरी रैंक प्राप्त की थी। अपने ग्रेजुएशन (बीसीए) के दौरान उन्होंने 8.96 CGPA के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया है। निखिल ने IIT कानपुर में इंटर्नशिप भी की है, जो उनके तकनीकी ज्ञान को और निखारती है। उनकी प्रमुख कुशलताओं में Python प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट, डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम यानी DBMS और वेबसाइट बिल्डिंग जैसे आधुनिक तकनीकी कौशल शामिल हैं।

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