बरसात के मौसम में बच्चों के लिए घर पर बनाएं चटपटी भात बड़ी, जानें स्वाद और सेहत से भरी आसान रेसिपी

बरसात के दिनों में जब बच्चे बाजार के जंक फूड की जिद करते हैं, तो छत्तीसगढ़ की पारंपरिक 'भात बड़ी' एक बेहतरीन और हेल्दी देसी विकल्प साबित हो सकती है। बचे हुए चावल से बनने वाली यह कुरकुरी डिश बनाना बेहद आसान है और यह लंबे समय तक सुरक्षित भी रहती है।

मानसून में बच्चों की पसंद और सेहत का ख्याल

बरसात का मौसम आते ही स्कूलों में रौनक लौट आती है, लेकिन इसी के साथ शुरू होती है बच्चों की चटपटा खाने की जिद। अक्सर देखा गया है कि इस मौसम में बच्चे चिप्स और बाजार में मिलने वाले जंक फूड की मांग करने लगते हैं। ऐसे में अभिभावकों के लिए घर पर बना हुआ हेल्दी विकल्प चुनना बड़ी चुनौती बन जाता है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई से निकली 'भात बड़ी' एक ऐसा ही स्वादिष्ट और पौष्टिक समाधान है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि बच्चों को बाहर के अनहेल्दी स्नैक्स से दूर रखने में भी मदद करती है। बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ में यह डिश बरसों से घरों की शान रही है।

कैसे तैयार करें भात बड़ी

भात बड़ी की खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से रात के बचे हुए पके हुए चावल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे भोजन की बर्बादी भी नहीं होती। इसे बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है और इसके लिए कुछ बेसिक मसालों की जरूरत होती है:

  • सबसे पहले बचे हुए पके चावल को एक बर्तन में निकाल लें।
  • इसमें स्वाद के अनुसार भुना हुआ जीरा, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा गरम मसाला मिलाएं।
  • सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मैश करते हुए एक समान मिश्रण तैयार कर लें।
  • तैयार मिश्रण से छोटी छोटी गोल या मनचाहे आकार की बड़ियां बनाकर तैयार कर लें।

धूप में सुखाने की प्रक्रिया

बड़ियां तैयार करने के बाद इन्हें धूप में सुखाना सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है। इन्हें एक साफ थाली या प्लास्टिक शीट पर फैलाकर एक से दो दिन तक तेज धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है। जब ये बड़ियां पूरी तरह सूखकर सख्त हो जाएं और इनका नमी अंश समाप्त हो जाए, तब इन्हें स्टोर किया जा सकता है। इन सूखी हुई बड़ियों को एक एयरटाइट डिब्बे यानी हवा बंद डिब्बे में भरकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। जब भी आपको कुछ कुरकुरा खाने का मन हो, तो आप जरूरत के अनुसार इनका उपयोग कर सकते हैं।

तलने का सही तरीका

भात बड़ी का असली स्वाद इसे तलने के बाद आता है। जब भी आपके बच्चे या परिवार के सदस्य इसे खाने की जिद करें, तब आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

  • एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में तेल गर्म करें।
  • तेल के अच्छी तरह गर्म हो जाने पर इसमें सूखी हुई भात बड़ी डालें।
  • बड़ियों को तब तक तलें जब तक कि इनका रंग सुनहरा न हो जाए और ये पूरी तरह कुरकुरी न दिखने लगें।
  • सुनहरी होने के बाद इन्हें तेल से छानकर बाहर निकाल लें।

इसे आप पापड़ की तरह अपने मुख्य भोजन के साथ परोस सकते हैं या फिर शाम की चाय के साथ कुरकुरे नाश्ते के तौर पर भी आनंद ले सकते हैं।

परंपरा और सेहत का अनूठा मेल

यह पारंपरिक व्यंजन केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद स्नैक्स से बेहतर माना जाता है। चूंकि यह घर पर बनी हुई चीज है, इसलिए इसमें किसी भी तरह के हानिकारक प्रिजर्वेटिव या मिलावट की गुंजाइश नहीं रहती। छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति का यह एक बेहतरीन उदाहरण है जो हमें सिखाता है कि कैसे बचे हुए खाने का सही उपयोग करके उसे एक नई और स्वादिष्ट रेसिपी में बदला जा सकता है। बरसात के खुशनुमा मौसम में अगर आप भी बच्चों के लिए कुछ देसी और हटकर बनाना चाहते हैं, तो भात बड़ी आपके रसोई की सबसे अच्छी रेसिपी साबित हो सकती है।

https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-chhattisgarh-favorite-snacks-bhaat-badi-recipe-local18-10623703.html