सुरक्षा को लेकर चिंताएं
ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सुरक्षा की दृष्टि से हिस्सा नहीं लेंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के आधिकारिक प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने इस बात की पुष्टि की है। उनके अनुसार, इजरायल की तरफ से लगातार मिल रही धमकियों और खुफिया निगरानी के बढ़ते जोखिमों के मद्देनजर मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार कार्यक्रम में उपस्थित होना कतई सुरक्षित नहीं है। इसी गंभीर सुरक्षा स्थिति के कारण उन्होंने इस समारोह से दूर रहने का कठिन निर्णय लिया है।
अमेरिका को अरागची की दो टूक चेतावनी
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने बुधवार को अमेरिका को एक कड़ा संदेश भेजा है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे तौर पर आग्रह किया है कि वे इजरायल की हरकतों पर लगाम लगाएं। यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई उनके निशाने पर हैं। अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा,
इस्लामाबाद MoU की सभी शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं और सबके सामने हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका की ओर से तेल अवीव में स्थित अपने सहयोगियों को नियंत्रित करने का वचन दिया था। यदि वे उनका कहना नहीं मानते हैं, तो ईरान उन्हें करारा सबक सिखाने के लिए तैयार है। हमारे देशवासियों और हमारे शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ दी गई किसी भी धमकी का तुरंत और बेहद कड़ा जवाब दिया जाएगा।
इजरायल का आक्रामक रुख
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अरागची ने रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के बयान को भी प्रमुखता से उठाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, काट्ज ने सोमवार को खुलेआम कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई मौत के निशाने पर हैं। उन्होंने ईरानियों को 'अच्छे व्यापारी' करार देते हुए तंज कसा कि वे बातचीत के दौरान रियायतें पाने की कोशिश करते हैं। काट्ज ने यह दोहराया कि इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि यह लक्ष्य किसी समझौते के जरिए हासिल हो जाए तो यह और भी बेहतर है।
बातचीत जारी रखने पर आम सहमति
इससे पूर्व 1 जुलाई को दोहा में कतर और पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें की थीं। इन बैठकों में 14 सूत्रीय MoU से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले थे। कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने X पर साझा किया कि सभी संबंधित पक्षों ने वार्ता को आगे जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अगली बैठक की तारीख तय की जाएगी।
अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
ईरानी प्रशासन के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के अलग-अलग शहरों में आयोजित होंगे। उल्लेखनीय है कि अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका, इजरायल और ईरान के मध्य संघर्ष के पहले दिन हुए एक हवाई हमले के दौरान हो गई थी।
https://www.indiatv.in/world/asia/mojtaba-khamenei-to-skip-father-ali-khamenei-funeral-amid-israeli-threats-2026-07-03-1228833