क्रिप्टो और एआई में अमेरिका सबसे आगे
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI और क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में अपनी सरकार की नीतियों का पुरजोर समर्थन किया है। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय अमेरिका तकनीक और नवाचार की दौड़ में चीन सहित दुनिया के हर देश से मीलों आगे है। ट्रंप ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में वैश्विक नेतृत्व करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका हर उस क्षेत्र में नंबर एक बना रहना चाहता है जिसमें वह काम करता है, और फिलहाल देश एआई और क्रिप्टो दोनों में शीर्ष स्थान पर कायम है।
चीन के साथ प्रतिस्पर्धा पर ट्रंप का रुख
जो कर्नेन के साथ बातचीत करते हुए ट्रंप ने चीन के प्रति अपना कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो को देखना उनका नजरिया थोड़ा अलग है, लेकिन हमें इसमें सतर्क रहना होगा। ट्रंप के शब्दों में, अगर अमेरिका इस क्षेत्र में पीछे रहता है, तो चीन इसका फायदा उठाकर इसे अपने नियंत्रण में ले लेगा। उन्होंने इसे एक बहुत बड़ा मामला बताते हुए कहा कि एआई के मामले में भी अमेरिका चीन और बाकी दुनिया के अन्य देशों से काफी आगे निकल चुका है।
शी चिनफिंग ने की थी ट्रंप के काम की सराहना
ट्रंप ने अपने दावों को पुष्ट करने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई बातचीत का भी हवाला दिया। उन्होंने बताया कि मई के मध्य में जब उनकी मुलाकात हुई, तो चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों की प्रशंसा की थी। ट्रंप ने कहा कि शी चिनफिंग ने उनसे कहा था कि उन्होंने अमेरिका के लिए बेहतरीन काम किया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका जो कभी आर्थिक रूप से ठहरा हुआ था, आज वह दुनिया का सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश बन चुका है।
क्रिप्टोकरेंसी से हुई बड़ी कमाई और खुलासे
ट्रंप के इन बयानों के बीच उनके परिवार की आर्थिक गतिविधियों को लेकर बहस छिड़ गई है। 30 जून को जारी यूएस ऑफिस ऑफ गवर्नमेंट एथिक्स की 900 पन्नों की रिपोर्ट से कई अहम खुलासे हुए हैं। वर्ष 1978 के पारदर्शिता कानून के तहत जारी इन दस्तावेजों के अनुसार, ट्रंप ने साल 2025 में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विभिन्न व्यवसायों के जरिए लगभग 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2024 में लॉन्च किए गए वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल यानी WLF के टोकन की पहली बिक्री से उन्हें लगभग 55 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय हुई है।
परिवार के निवेश और हितों के टकराव पर स्पष्टीकरण
रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी गई है कि ट्रंप और उनके तीन बेटों ने डीटी मार्क्स डेफी नामक एक मध्यस्थ कंपनी के माध्यम से 22.5 अरब WLFI टोकन खरीदे थे। इनकी वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर है। जब ट्रंप से यह पूछा गया कि क्या उन्हें सार्वजनिक खुलासे से पहले इस क्रिप्टो व्यवसाय की जानकारी थी, तो उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय कहा कि उन्हें जानकारी हो सकती थी, लेकिन इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है। उन्होंने अपने बचाव में कहा कि राष्ट्रपति के रूप में उनके बच्चों के लिए सार्वजनिक कर्तव्यों और निजी व्यापार के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वे अक्सर अपने बच्चों को इन विवादों से दूर रहने की सलाह देते हैं, लेकिन उन सभी की अपनी अलग जिंदगी और करियर है।
दुनिया की जलन पर ट्रंप का तंज
अपने कारोबारी अनुभव को लेकर ट्रंप ने कहा कि मतदाताओं ने उन्हें इसलिए चुना क्योंकि वे एक सफल व्यवसायी रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी नीतियों को देते हुए कहा कि आज अमेरिका चीन सहित दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़ रहा है। ट्रंप ने अपनी बात समाप्त करते हुए कटाक्ष किया कि इन सब सफलताओं के कारण ही आज पूरी दुनिया अमेरिका से जलती है। उनका मानना है कि आर्थिक विकास और तकनीक के दम पर अमेरिका की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है।
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