मुजफ्फरपुर की मशहूर भोला जी चाय दुकान: तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद, नीतीश कुमार भी हैं मुरीद

मुजफ्फरपुर के धर्मशाला चौक पर स्थित भोला जी चाय दुकान अपनी पुरानी विरासत और खास जायके के लिए मशहूर है, जहां आज भी बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।

मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक धरोहर है ये चाय की दुकान

मुजफ्फरपुर शहर में चाय की अनगिनत दुकानें मौजूद हैं, लेकिन कुछ ऐसी भी हैं जो केवल अपने जायके की वजह से नहीं, बल्कि अपने समृद्ध इतिहास और पहचान की वजह से जानी जाती हैं। धर्मशाला चौक पर स्थित भोला जी की चाय दुकान ऐसी ही एक खास जगह है। बीते तीन दशकों से ज्यादा समय से, यह दुकान न केवल अपनी चाय की खुशबू के लिए, बल्कि यहां होने वाली सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। आज भी यहां हर वर्ग के लोग, जिनमें छात्र, वकील, व्यापारी और नेता शामिल हैं, चाय का आनंद लेने और देश-दुनिया के मुद्दों पर बात करने के लिए जुटते हैं।

तीन पीढ़ियों का सफर

दुकान के वर्तमान संचालक संतोष कुमार बताते हैं कि इस चाय दुकान की नींव उनके दादाजी ने धर्मशाला चौक पर रखी थी। यह एक ऐसी विरासत है जिसे उनके दादाजी के बाद उनके पिता ने आगे बढ़ाया और अब संतोष कुमार इसे पूरी निष्ठा से चला रहे हैं। एक ही जगह पर तीन पीढ़ियों से चल रही यह दुकान लोगों के भरोसे और चाय के प्रति उनके प्रेम का प्रमाण है। संतोष का कहना है कि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया, लेकिन चाय बनाने की उनकी पुरानी विधि और स्वाद आज भी वैसा ही है, जैसा उनके दादाजी के समय में हुआ करता था।

सुबह से लेकर शाम तक रहती है गहमागहमी

संतोष के अनुसार, दुकान की शुरुआत सुबह से ही हो जाती है और देर शाम तक यहां ग्राहकों का तांता लगा रहता है। दुकान की सबसे खास बात शाम का वक्त है, जब शहर के अलग-अलग कोनों से लोग यहाँ पहुँचते हैं। चाय की एक चुस्की के साथ यहाँ मुद्दों पर लंबी चर्चाएं होती हैं। राजनीतिक कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र नेता यहाँ बैठकर स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर राय साझा करते हैं। यहाँ का वातावरण बहुत ही सहज है, जहाँ कोई भी आम व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के बैठकर चर्चा का हिस्सा बन सकता है।

आपातकाल के समय का प्रमुख केंद्र

इस चाय दुकान का इतिहास काफी गहरा और दिलचस्प रहा है। संतोष याद करते हैं कि देश में आपातकाल यानी इमरजेंसी के दौरान यह दुकान मुजफ्फरपुर में चल रहे आंदोलनों का एक मुख्य केंद्र हुआ करती थी। उस दौर में, कई महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने के लिए लोग यहीं जमा होते थे। यही सिलसिला आज भी जारी है। फिर चाहे वो छात्रसंघ चुनाव की गहमागहमी हो या फिर किसी बड़े छात्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करनी हो, विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता आज भी विचार-विमर्श के लिए इसी दुकान को चुनते हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी ले चुके हैं स्वाद

भोला जी की चाय दुकान की लोकप्रियता केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी यहाँ चाय का लुत्फ उठा चुके हैं। उनका यहाँ आना इस दुकान को मुजफ्फरपुर की राजनीतिक संस्कृति का एक अभिन्न अंग बनाता है। भले ही बाहरी तौर पर यह एक साधारण, झोपड़ीनुमा पुरानी दुकान दिखती हो, लेकिन इसकी ऐतिहासिक अहमियत और लोगों के दिलों में बसी लोकप्रियता इसे खास बनाती है। आजकल के दौर में जब हर तरफ आधुनिक कैफे और कॉफी हाउस खुल रहे हैं, तब भोला जी चाय दुकान अपनी सादगी और स्वाद के दम पर आज भी ग्राहकों के लिए पहली पसंद बनी हुई है।

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