भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: ट्रेन में धूम्रपान करते पकड़े गए तो लगेगा 2000 रुपये का जुर्माना

उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेन और स्टेशन परिसरों में धूम्रपान के खिलाफ एक सख्त अभियान छेड़ दिया है, जिसके तहत दोषी यात्रियों पर अब 2,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

ट्रेन में धूम्रपान करने पर होगी सख्त कार्रवाई

भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा को सुखद बनाने की दिशा में नए-नए कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में अब उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिया है। यदि आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं या किसी रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर हैं, तो आपको अब धूम्रपान करने की भूल बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन के डिब्बों, शौचालयों या प्लेटफॉर्म पर धूम्रपान करने वाले यात्रियों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाया जा रहा है, और इस नियम को तोड़ने वालों पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

2000 रुपये तक का जुर्माना

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने इस अभियान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जन विश्वास अधिनियम 2026 की धारा 167 के अंतर्गत अब धूम्रपान करने वाले नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस नए नियम के प्रभावी होने के बाद, दोषियों पर 2,000 रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कार्रवाई उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी चारों मंडलों में स्थित ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पूरी मुस्तैदी के साथ अमल में लाई जाएगी।

टीटीई को मिले विशेष अधिकार

इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने अपने टिकट चेकिंग स्टाफ यानी टीटीई को विशेष अधिकार दिए हैं। अब टीटीई के पास यह शक्ति होगी कि वे यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री को धूम्रपान करते हुए पकड़ते हैं, तो वे मौके पर ही उसका चालान काट सकेंगे और जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया को पूरी करेंगे। इसके अलावा, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें भी लगातार सक्रिय रहेंगी। ये टीमें स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर औचक निरीक्षण करेंगी ताकि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी न हो और उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सुरक्षा के लिए क्यों है यह जरूरी

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान महज जुर्माना वसूलने के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए शुरू किया गया है। ट्रेन के बंद डिब्बों या शौचालय जैसे सीमित स्थानों में सिगरेट या बीड़ी जलाना आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे सकता है। चलती ट्रेन में एक छोटी सी चिंगारी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है। इसके अलावा, धुआं अन्य सह-यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी हानिकारक होता है। ऐसे में यह अभियान आगजनी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

यात्रियों से सहयोग की अपील

जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक ने रेल यात्रियों से इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है। रेलवे प्रशासन की ओर से विभिन्न संचार माध्यमों, उद्घोषणा प्रणाली और स्टेशनों पर लगाए गए पोस्टर्स के जरिए यात्रियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे परिसर में धूम्रपान से पूरी तरह बचें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करना है। अधिकारियों ने यात्रियों से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई यात्री धूम्रपान करता हुआ दिखाई देता है, तो वे इसकी सूचना तुरंत ड्यूटी पर तैनात टीटीई या रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर दें। रेलवे का सुरक्षा अमला 24 घंटे सतर्क रहकर इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर यात्री बिना किसी डर और असुविधा के अपना सफर पूरा कर सके।

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