टूर्नामेंट से विदाई के बाद कोच की पहली प्रतिक्रिया
फीफा विश्व कप का रोमांच अब अपने चरम पर है और राउंड ऑफ 32 के मुकाबलों में टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इस दौरान कुछ टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाई है, तो वहीं कुछ टीमों का सफर निराशाजनक रूप से समाप्त हुआ है। इसी सूची में जापान की टीम भी शामिल है, जो विश्व कप के खिताबी सफर से बाहर हो गई है। टीम के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद जापान के मुख्य कोच हाजिमे मोरियासु का एक दिल तोड़ देने वाला बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने भविष्य के फैसलों के लिए थोड़ा समय मांगा है।
भविष्य पर निर्णय के लिए मांगा समय
विश्व कप से बाहर होने के बाद गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान हाजिमे मोरियासु से यह सवाल पूछा गया कि क्या वे टीम के मुख्य कोच के पद पर बने रहेंगे। इस पर मोरियासु ने कहा कि उन्हें अभी अपने भविष्य के बारे में किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए। जापान फुटबॉल संघ के अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी भावनाएं साझा कीं। कोच ने कहा कि उन्हें अभी थोड़ा आराम करने और विश्व कप के दौरान मिली हार और प्रदर्शन के नतीजों पर विस्तार से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी केवल इतना ही तय हुआ है कि वे एक छोटा ब्रेक लेंगे, उसके बाद ही आगे की रणनीति पर कोई फैसला लिया जाएगा।
जापान के फुटबॉल भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच
हालांकि भविष्य के पद को लेकर उन्होंने चुप्पी साधी रखी, लेकिन जापानी फुटबॉल के आने वाले कल को लेकर मोरियासु काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने विश्वास जताया कि जापान की फुटबॉल टीम विश्व स्तर पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाए रखने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि यदि टीम इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब जापान निश्चित रूप से विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम करने में सफल होगा।
ब्राजील के खिलाफ मिली थी हार
हाजिमे मोरियासु के मार्गदर्शन में जापान की टीम ने विश्व कप के राउंड ऑफ 32 तक का सफर तय किया था। लेकिन, इस हफ्ते की शुरुआत में हुए एक महत्वपूर्ण मुकाबले में जापान को पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के हाथों 2-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसके बाद उनका विश्व कप का सपना टूट गया। यह पहली बार नहीं है जब जापान के लिए नॉकआउट चरण चुनौतीपूर्ण साबित हुआ हो। पिछले दो दशकों में जापानी फुटबॉल ने विश्व मंच पर लगातार प्रगति की है, लेकिन विश्व कप के नॉकआउट चरण में टीम अब तक एक भी मैच जीतने में नाकाम रही है।
अनुबंध बढ़ाने की संभावनाएं
कोच मोरियासु ने साल 2018 में रूस में हुए विश्व कप के बाद राष्ट्रीय टीम की कमान अपने हाथों में ली थी। उनके कार्यकाल में टीम ने कतर में हुए 2022 विश्व कप के नॉकआउट चरण तक का सफर भी तय किया था, जहां उन्हें पेनल्टी शूटआउट में क्रोएशिया के हाथों हार मिली थी। राष्ट्रीय समाचार एजेंसी क्योदो की एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान फुटबॉल संघ यह चाहता है कि मोरियासु अपने पद पर बने रहें। जेएफए अध्यक्ष सुनेयासु मियामोतो ने संकेत दिए हैं कि वे इस मामले में तैयारी कर रहे हैं। चर्चाएं हैं कि मोरियासु का अनुबंध एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है, ताकि वे अगले साल की शुरुआत में सऊदी अरब में आयोजित होने वाले एशियाई कप के लिए टीम के साथ जुड़े रह सकें। बता दें कि इस टूर्नामेंट के लिए 24 टीमें पहले ही क्वालीफाई कर चुकी हैं, जिसमें जापान ग्रुप एफ में कतर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के साथ शामिल है।
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