इंडोनेशिया: टिकटॉक पर किस करने वाले जोड़े को सार्वजनिक रूप से मिले 21-21 कोड़े

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में एक अविवाहित जोड़े को टिकटॉक लाइव के दौरान किस करने पर शरिया कानून के तहत कड़ी सजा दी गई है। शरिया कोर्ट ने इस कृत्य को इस्लामी नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों को सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने का आदेश दिया था।

टिकटॉक वीडियो बना सजा का कारण

दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में एक घटना ने भारी चर्चा बटोर ली है। यहाँ के आचे प्रांत में एक युवक और एक युवती को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करना बेहद महंगा साबित हुआ है। 22 साल के युवक और 25 साल की युवती ने मिलकर 27 फरवरी को एक कार के अंदर टिकटॉक पर लाइव स्ट्रीमिंग की थी। इसी लाइव वीडियो के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को किस कर लिया। यह वीडियो इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गया और देखते ही देखते वायरल हो गया। इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय लोगों ने शरिया अधिकारियों से इसकी शिकायत की, जिसके परिणामस्वरूप अप्रैल के महीने में इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

शरिया कोर्ट का सख्त फैसला

गिरफ्तारी के बाद दोनों को लगभग चार महीने तक हिरासत में रखा गया था। इसके बाद मामले की सुनवाई शरिया अदालत में हुई, जहाँ दोनों को इस्लामी कानूनों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। अदालत ने अपना निर्णय सुनाते हुए दोनों को 21-21 कोड़ों की सजा का ऐलान किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान इस वीडियो को रिकॉर्ड करने वाले मोबाइल फोन और उसमें इस्तेमाल की गई यूएसबी ड्राइव को सबूत मानते हुए उन्हें नष्ट करने का आदेश भी दिया था।

सार्वजनिक स्थान पर दी गई सजा

यह सजा गुरुवार को आचे की राजधानी बांदा आचे में स्थित बुस्तानुस्सलातिन सिटी पार्क के एक मंच पर दी गई। इस दौरान मौके पर 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। सजा देने वाले अधिकारी पारंपरिक चोगे और हुड पहने हुए थे, जिन्होंने बेंत की मदद से जोड़े को 21-21 कोड़े मारे। आपको बता दें कि आचे इंडोनेशिया का एकमात्र ऐसा प्रांत है, जहाँ शरिया कानून पूर्ण रूप से लागू है।

आचे में शरिया कानून का इतिहास और दायरा

आचे प्रांत में इस्लामी कानून लागू होने के पीछे एक ऐतिहासिक समझौता है। साल 2006 में अलगाववादी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौता हुआ था, जिसके अंतर्गत इस प्रांत को अपने यहाँ इस्लामी कानून लागू करने की विशेष अनुमति प्रदान की गई थी। इसके बाद 2015 में इन कानूनों के दायरे को और अधिक विस्तृत कर दिया गया, जिसके तहत अब गैर-मुस्लिम लोग भी इन नियमों के दायरे में आते हैं।

आचे के शरिया कानूनों के अनुसार, सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने की सजा कई अपराधों के लिए दी जाती है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • विवाह के बाहर संबंध बनाना
  • जुआ खेलना
  • शराब का सेवन करना
  • अन्य अनैतिक कृत्य

इसके अतिरिक्त, महिलाओं द्वारा बहुत तंग कपड़े पहनना या पुरुषों का शुक्रवार की नमाज में अनुपस्थित रहना भी अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए भी प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।

अन्य लोगों पर भी हुई कार्रवाई

उसी दिन केवल यह जोड़ा ही नहीं, बल्कि चार अन्य लोगों को भी सजा दी गई। उन लोगों को भी सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे गए, जिनके खिलाफ ऑनलाइन जुआ खेलने और विवाहेतर संबंध रखने जैसे मामले दर्ज थे।

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

इस घटना पर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडोनेशिया ने इस सजा की तीखी आलोचना की है। संगठन के कार्यकारी निदेशक उस्मान हमीद ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सोशल मीडिया पर किसी के व्यवहार को अनुचित माना जा सकता है, लेकिन इसके लिए जेल भेजने या सार्वजनिक रूप से कोड़े मारने जैसी अमानवीय सजा देना मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

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