मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा किए जाने के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों दलों ने अपनी-अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। इस उपचुनाव के लिए मतदान आगामी 30 जुलाई को होना तय किया गया है, जबकि इसके चुनावी नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। चुनावी बिगुल बजने के साथ ही इस बात को लेकर कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कि इस बार मैदान में कौन-कौन से चेहरे होंगे। विशेष रूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं।
कैलाश विजयवर्गीय का गोलमोल जवाब और भाजपा की रणनीति
इस बीच, जब मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपा-तुला और गोल-मोल जवाब दिया। नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दतिया में उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में निश्चित तौर पर जीत हासिल करेगी। लेकिन जब उनसे सीधा सवाल किया गया कि क्या नरोत्तम मिश्रा ही पार्टी के उम्मीदवार होंगे, तो उन्होंने बात को संभालते हुए कहा कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना बेहद जल्दबाजी होगी, जो भी उम्मीदवार आएगा, आपको बताया जाएगा।
कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा की चुनावी तैयारियों पर बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी किसी भी चुनाव के लिए अलग से विशेष तैयारी नहीं करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के कार्यकर्ता हमेशा ही जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। जब भी चुनाव का समय आता है, हमारी नीतियां और चुनावी रणनीतियां पहले से ही तैयार रहती हैं।
नरोत्तम मिश्रा का चुनावी इतिहास और पिछली हार
नरोत्तम मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के बेहद कद्दावर और वरिष्ठ नेताओं में शुमार किए जाते हैं। वह मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों में कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं। वह दतिया और डबरा विधानसभा क्षेत्रों से कई बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। हालांकि, साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में भाजपा की भारी लहर चल रही थी, तब दतिया सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला था। उस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त दी थी।
इस हार के बावजूद दतिया क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा का अच्छा प्रभाव माना जाता है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दतिया की जनता भली-भांति जानती है कि कांग्रेस पार्टी के जो विधायक थे, उनके द्वारा किस तरह से भ्रष्टाचार और घोटाले किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पूरी मुस्तैदी के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है और औपचारिकताओं को समय पर पूरा कर जनता के बीच जाएगी।
कांग्रेस का पलटवार: उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
दूसरी तरफ, उपचुनाव की घोषणा होते ही विपक्षी दल कांग्रेस भी पूरी तरह से हमलावर हो गया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने इस उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उस विषय पर अभी तक कोई फैसला नहीं आ पाया है।
इसके साथ ही उन्होंने दतिया सीट की संवेदनशीलता और महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि दतिया एक बेहद महत्वपूर्ण जिला है, जहां कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के इतने बड़े नेता को पराजित किया था। उमंग सिंघार ने पेड न्यूज के मामले पर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि आयोग ने इस मामले में काफी लंबे समय तक कोई फैसला नहीं सुनाया और अब अचानक बेहद जल्दबाजी में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस चुनाव को पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेगी।
https://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/bhopal-narottam-mishra-bjp-candidate-in-the-datia-by-election-how-kailash-vijayvargiya-responded-local18-10623207.html