फिफा विश्व कप में बड़ा हंगामा: मैदान में घुसे तीन दर्शक, दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम ने सेनेगल को 3-2 से रौंदा

फिफा विश्व कप 2026 के रोमांचक नॉकआउट मुकाबले में बेल्जियम ने सेनेगल के खिलाफ ऐतिहासिक वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की, जबकि मैच के दौरान मैदान पर दर्शकों के घुसने से अफरा-तफरी मच गई थी।

मैदान पर सुरक्षा चूक और भारी हंगामा

सिएटल में खेले गए फिफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले के दौरान एक बेहद अजीबोगरीब वाकया सामने आया। बेल्जियम और सेनेगल के बीच चल रहे इस बेहद महत्वपूर्ण मैच के दौरान अचानक तीन अज्ञात लोग मैदान के भीतर घुस आए। इन लोगों ने मैच के 32वें मिनट में खेल में बाधा डाली, जिसके कारण रेफरी को मैच को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।

मैदान पर अचानक हुए इस हंगामे के बाद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। इन तीन घुसपैठियों को मैदान से बाहर खदेड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को लगभग एक दर्जन सुरक्षा गार्डों को मैदान पर उतारना पड़ा। इस पूरे हंगामे और अफरा-तफरी के माहौल के बीच बेल्जियम के डिफेंडर मैक्सिम डी क्यूपर ने गजब का संयम दिखाया और गेंद को लगातार अपने पास ही सुरक्षित बनाए रखा।

सेनेगल की शुरुआती बढ़त और कठिन सफर

जिस समय मैदान पर यह व्यवधान उत्पन्न हुआ, उस समय सेनेगल की टीम मैच में मजबूत स्थिति में थी। खेल के 25वें मिनट में ही हबीब डियारा के एक बेहतरीन गोल की मदद से सेनेगल ने बेल्जियम पर 1-0 की बढ़त बना ली थी। हबीब डियारा शानदार फॉर्म में चल रहे हैं, जिन्होंने इससे पहले इराक के खिलाफ मिली 5-0 की बड़ी जीत में भी अपनी टीम के लिए गोल किया था।

सेनेगल की टीम इस टूर्नामेंट के सबसे मुश्किल ग्रुपों में से एक से नॉकआउट दौर में पहुंची थी, जहां उनके साथ फ्रांस और नॉर्वे जैसी मजबूत टीमें थीं। तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में नॉकआउट में प्रवेश करने वाली अफ्रीकी टीम सेनेगल ने इस मैच में बेल्जियम पर दो गोल की मजबूत बढ़त बना ली थी। हालांकि, वे इस बढ़त का फायदा नहीं उठा पाए और अंततः मुकाबला 2-3 से हार गए।

कोच का बयान और रैफरी के फैसले पर विवाद

इस बेहद करीबी हार के बाद सेनेगल के कोच पेप थियाव काफी निराश नजर आए, विशेषकर मैच के दौरान मिले पेनल्टी के फैसले पर। मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए पेप थियाव ने कहा:

"मैं इस फैसले की व्याख्या नहीं करना चाहता। पेनल्टी देने के मामले में हम सभी लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है। मैं इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता और ना ही मैं रैफरी के इस फैसले की कोई व्याख्या करना चाहता हूं।"

बेल्जियम का ऐतिहासिक पलटवार और टिलेमैन्स का जादू

बेल्जियम की यह जीत फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार और रोमांचक जीतों में से एक बन गई है। पिछले 11 विश्व कप के इतिहास में यह केवल दूसरा ऐसा मौका है जब किसी टीम ने नॉकआउट दौर के मुकाबले में दो या उससे अधिक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अगले दौर में जगह बनाई है। खास बात यह है कि इससे पहले वर्ष 2018 के विश्व कप में भी बेल्जियम ने ही जापान के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 से पिछड़ने के बाद ऐसी ही चमत्कारी जीत हासिल की थी।

रूस में आयोजित हुए उस टूर्नामेंट में तीसरे स्थान पर रहने वाली बेल्जियम की टीम के कई प्रमुख सितारे इस मैच में भी मैदान पर अपनी भूमिका निभा रहे थे। मैच में बेल्जियम की वापसी के नायक उनके स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू रहे, जिन्हें कोच ने एक स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर भेजा था। लुकाकू ने मैच के 86वें मिनट में शानदार गोल कर स्कोर को 2-1 किया और बेल्जियम की उम्मीदें जगा दीं।

इसके ठीक तीन मिनट बाद, यानी मैच के 89वें मिनट में यूरी टिलेमैन्स ने एक और बेहतरीन गोल दागकर स्कोर को 2-2 की बराबरी पर लाकर मैच को अतिरिक्त समय में खींच दिया। इसके बाद अतिरिक्त समय में मिली पेनल्टी पर यूरी टिलेमैन्स ने कोई गलती नहीं की और गेंद को सीधे गोल पोस्ट में डालकर बेल्जियम को 3-2 की अविश्वसनीय जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बेल्जियम ने प्री-क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है।

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