जैसे ही गर्मी का मौसम खत्म होने की कगार पर आता है और मानसून दस्तक देने लगता है, वैसे ही खेती-किसानी से जुड़े लोगों के मन में फसलों के नुकसान को लेकर चिंता बढ़ने लगती है। अत्यधिक बारिश के कारण कई बार पारंपरिक फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में किसानों और स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए इनडोर मशरूम की खेती एक बेहतरीन और बेहद मुनाफेदार विकल्प साबित हो सकती है। इस बिजनेस की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे आप अपने घर के किसी भी खाली हिस्से से शुरू कर सकते हैं और इसमें नुकसान होने का खतरा भी ना के बराबर होता है।
घर के भीतर बेहद आसानी से तैयार हो जाता है मशरूम
अक्सर लोग सोचते हैं कि खेती करने के लिए बहुत बड़े खेत या जमीन की जरूरत होती है, लेकिन मशरूम के मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह बताते हैं कि मशरूम को उगाने के लिए किसी खुले खेत की जरूरत नहीं होती। इसके लिए आपके घर में एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां पूरी तरह से अंधेरा रहता हो और वहां हवा का आना-जाना भी सुचारू रूप से हो।
आप इसे अपने घर की बालकनी, किसी खाली पड़े शेड या फिर बेसमेंट में बहुत आसानी से शुरू कर सकते हैं। इसके उत्पादन के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- तापमान नियंत्रण: मशरूम की अच्छी पैदावार के लिए कमरे का तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहना चाहिए।
- नमी की मात्रा: मशरूम के बेहतर विकास के लिए कमरे में लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक नमी यानी ह्यूमिडिटी होना आवश्यक है।
- धूप से बचाव: मशरूम उगाने वाले कमरों में सीधी धूप बिल्कुल भी नहीं पड़नी चाहिए, क्योंकि इससे फसल खराब हो सकती है।
नए लोगों के लिए आयस्टर मशरूम है सबसे बेहतर विकल्प
मशरूम की खेती से लंबे समय से जुड़े किसान धर्मेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पहली बार इस व्यवसाय में कदम रख रहा है, तो उसे आयस्टर मशरूम की खेती से ही शुरुआत करनी चाहिए। आयस्टर मशरूम की खेती करना बहुत आसान होता है और यह बेहद कम समय में ही तैयार होकर परिणाम देना शुरू कर देता है।
इसकी खेती शुरू करने के लिए आपको बहुत ज्यादा संसाधनों की भी जरूरत नहीं पड़ती। आपको मुख्य रूप से निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होगी:
- मशरूम के बीज यानी स्पान
- गेहूं या चावल का भूसा
- प्लास्टिक की पारदर्शी थैलियां
- छोटे और बड़े आकार के कंटेनर
- पानी के छिड़काव के लिए एक छोटा स्प्रेयर
- तापमान और नमी को नियंत्रित करने वाले साधारण संसाधन
सरकार से मिलेगी पूरी मदद, मुफ्त में मिलेंगे मशरूम के बीज
मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से भी कई तरह की लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिला उद्यान अधिकारी के मुताबिक, जो भी किसान या उद्यमी मशरूम की खेती शुरू करना चाहते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से सहायता दी जाती है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को बिल्कुल मुफ्त में मशरूम के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं।
इस सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसानों को अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ सुल्तानपुर के जिला कार्यालय में संपर्क करना होगा। वहां जाकर आप पंजीकरण करा सकते हैं और निशुल्क बीज प्राप्त कर अपनी खेती का सफर शुरू कर सकते हैं।
लागत केवल 20 हजार और मुनाफा 1 लाख रुपये से भी ज्यादा
मशरूम उत्पादन के मुनाफे का गणित समझाते हुए उत्पादक अभिषेक बताते हैं कि इस बिजनेस में लागत के मुकाबले कई गुना ज्यादा कमाई की जा सकती है। उनके अनुभव के अनुसार, मशरूम की खेती के एक ही सीजन में आप मात्र 20 हजार रुपये की शुरुआती लागत लगाकर 1 लाख रुपये से अधिक का मशरूम पैदा कर सकते हैं।
बारिश यानी खरीफ के मौसम में इस खेती को करने के दो मुख्य तरीके हैं। आप इसे छप्पर विधि से भी कर सकते हैं और इनडोर विधि का इस्तेमाल करके भी इसका अच्छा उत्पादन ले सकते हैं। अभिषेक ने खुद अपने एक बीघा खेत में ऐसी ही 3 यूनिट स्थापित की हैं, जिससे वे बहुत अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। चूंकि उद्यान विभाग की तरफ से बीज बिल्कुल मुफ्त मिल जाते हैं, इसलिए शुरुआती लागत और भी ज्यादा कम हो जाती है, जिससे मुनाफे का दायरा काफी बढ़ जाता है।
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