स्कूलों की छुट्टियों और समय में बड़ा बदलाव: यूपी, महाराष्ट्र, कश्मीर और बंगाल में प्रशासन के कड़े फैसले, जानें अपने राज्य का हाल

देश के कई राज्यों में मौसम के बदलते मिजाज और त्योहारों के मद्देनजर स्कूलों की छुट्टियों और उनके समय में भारी बदलाव किए गए हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कश्मीर और पश्चिम बंगाल में प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

मौसम की मार और त्योहारों का असर: देश के कई राज्यों में स्कूलों के बंद होने और समय बदलने की घोषणा

भारत के विभिन्न राज्यों में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। कहीं आसमान से भीषण गर्मी और लू बरस रही है, तो कहीं मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब स्कूली शिक्षा और शैक्षणिक कैलेंडर पर भी पड़ने लगा है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के प्रशासन ने स्कूलों के संबंध में कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कहीं स्कूलों में दो सप्ताह की लंबी छुट्टियों की घोषणा की गई है, तो कहीं स्कूलों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। यदि आप एक अभिभावक हैं या आपके घर में स्कूल जाने वाले बच्चे हैं, तो यह खबर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस राज्य में स्कूल और कॉलेजों को लेकर क्या नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

कश्मीर घाटी में भीषण गर्मी का प्रकोप: 6 से 19 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल

आमतौर पर अपनी ठंडी जलवायु के लिए जानी जाने वाली कश्मीर घाटी में इस बार तापमान का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ती हुई गर्मी के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए डायरेक्टोरेट ऑफ स्कूल एजुकेशन कश्मीर (DSEK) ने एक बड़ा फैसला लिया है। घाटी के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में हायर सेकेंडरी स्तर तक के सभी छात्रों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है।

जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, कश्मीर घाटी के सभी स्कूल 6 जुलाई से 19 जुलाई 2026 तक बंद रहेंगे। इस अवधि के बाद सभी स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं 20 जुलाई 2026 से दोबारा शुरू की जाएंगी। लंबे समय से स्थानीय अभिभावक और छात्र संगठन गर्मी की छुट्टियों को समय से पहले घोषित करने की मांग कर रहे थे, क्योंकि दोपहर के समय कक्षाओं में बैठना बच्चों के लिए बेहद कष्टदायक हो गया था। प्रशासन ने इस जनभावना और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह संवेदनशील फैसला लिया है।

शिक्षा मंत्री सकीना इटू की छात्रों और शिक्षकों को महत्वपूर्ण सलाह

जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने इस निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने छुट्टियों की घोषणा करने के साथ-साथ छात्रों, शिक्षकों और स्कूल के गैर-शिक्षण कर्मचारियों से भी इस अत्यधिक गर्मी के मौसम में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

शिक्षा मंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे इस छुट्टियों के दौरान:

  • दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और ठंडे स्थानों पर ही रहें।
  • छुट्टियों के इस समय का सदुपयोग रचनात्मक कार्यों, पढ़ाई और अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने में करें।

शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को भी निर्देश दिया गया है कि वे छुट्टियों के दौरान बच्चों के संपर्क में रहें और उन्हें गृहकार्य के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।

महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का तांडव: कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित

एक तरफ जहां कश्मीर गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी भारत के महाराष्ट्र राज्य में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। राज्य के तटीय जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर जलभराव और भूस्खलन के खतरों को देखते हुए पालघर और रायगढ़ जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से बहुत बड़ा कदम उठाया है।

प्रशासन ने पालघर और रायगढ़ जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि बच्चों को उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाली सड़कों से गुजरकर स्कूल न जाना पड़े और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। हालांकि, इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल छात्रों के लिए छुट्टी रहेगी। स्कूल के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अन्य गैर-शिक्षण कर्मचारियों को नियमित रूप से स्कूल या कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि स्थानीय स्तर पर कोई आपातकालीन स्थिति बनती है, तो इन कर्मचारियों को स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करना होगा।

मुंबई विश्वविद्यालय ने रद्द कीं महत्वपूर्ण परीक्षाएं

भारी बारिश और खराब मौसम का असर केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा है। मुंबई विश्वविद्यालय ने बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए पालघर जिले और पनवेल नगर निगम क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कॉलेजों की परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला किया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों की परीक्षाएं इस मौसम के कारण प्रभावित हुई हैं, उनके लिए परीक्षाओं की नई तिथियां जल्द ही घोषित की जाएंगी। विश्वविद्यालय ने सभी प्रभावित परीक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षाओं के नए शेड्यूल और अपडेट के लिए नियमित रूप से मुंबई विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करते रहें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

पश्चिम बंगाल में 6 जुलाई को रहेगा सार्वजनिक अवकाश

पूर्वी भारत के राज्य पश्चिम बंगाल से भी स्कूलों के बंद रहने की खबर है, लेकिन यहां कारण मौसम नहीं बल्कि एक विशेष ऐतिहासिक अवसर है। पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी 6 जुलाई को महान शिक्षाविद् और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है।

इस ऐतिहासिक दिन के सम्मान में राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, निगम, अर्ध-सरकारी संस्थान और सभी प्रकार के शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। बंगाल सरकार ने इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि राज्य के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूल इस दिन बंद रहेंगे ताकि लोग डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद कर सकें और उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा ले सकें।

उत्तर प्रदेश के नोएडा में बदला स्कूलों का समय: गर्मी से राहत देने की कोशिश

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में भी गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। बारिश न होने और उमस बढ़ने के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा काफी बढ़ गया है। छोटे बच्चों को हीट स्ट्रोक और डिhydration से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

नोएडा जिला प्रशासन के नए आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को अब केवल सुबह की पाली में ही संचालित किया जाएगा। यह नई समय सारिणी अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। जिला प्रशासन का मानना है कि दोपहर के समय तापमान अपने उच्चतम स्तर पर होता है, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। सुबह के समय कक्षाएं संचालित होने से बच्चे दोपहर की चिलचिलाती धूप से बच सकेंगे और सुरक्षित अपने घरों को लौट सकेंगे।

अभिभावकों और छात्रों के लिए प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील

देशभर में मौसम और अन्य कारणों से हो रहे इन अचानक बदलावों के बीच, विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभागों और जिला प्रशासनों ने अभिभावकों और छात्रों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक आदि पर अक्सर स्कूलों की छुट्टियों को लेकर कई फर्जी और भ्रामक खबरें फैलाई जाती हैं। इसलिए, अभिभावक और छात्र किसी भी ऐसी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।

प्रशासन ने सलाह दी है कि:

  • स्कूलों की छुट्टियों, समय परिवर्तन या परीक्षाओं के स्थगन से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल संबंधित विभाग, जिला कलेक्टर कार्यालय या स्कूल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस से ही करें।
  • स्कूलों और विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइटों को नियमित रूप से चेक करते रहें।
  • किसी भी संशय की स्थिति में सीधे स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें।

वर्तमान समय में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं है। जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में प्रचंड गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर तटीय और पश्चिमी राज्यों में भारी वर्षा का दौर जारी है। ऐसे में राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन हर परिस्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और छात्रों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर उचित कदम उठा रहे हैं।

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