सांपों के रक्षक बने उदयपुर के चमन सिंह चौहान
राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले चमन सिंह चौहान पिछले कई सालों से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल कायम कर रहे हैं। उनकी उम्र इस समय 55 वर्ष हो चुकी है, लेकिन इस पड़ाव पर भी उनका हौसला और जज्बा जरा भी कम नहीं हुआ है। वे बिना किसी स्वार्थ के हर समय सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं। इंसानी आबादी वाले क्षेत्रों में जब भी कोई जहरीला जीव निकलता है, तो लोग तुरंत चमन सिंह को याद करते हैं।
वैज्ञानिक तरीके से करते हैं सुरक्षित रेस्क्यू
जहां अधिकांश लोग घरों या आस-पास सांप देखकर खौफ से भर जाते हैं, वहीं चमन सिंह चौहान बेहद शांत दिमाग से काम लेते हैं। वे पूरे वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान को अंजाम देते हैं। अपने इसी सूझबूझ और लंबे अनुभव के दम पर उन्होंने अब तक हजारों सांपों को सुरक्षित बचाया है। वे इन जीवों को आबादी वाले इलाकों से दूर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ देते हैं। उनकी इस सक्रियता की वजह से न सिर्फ इंसानों की जान बचती है, बल्कि बेजुबान सांपों को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है बड़ा लक्ष्य
चमन सिंह चौहान का यह अभियान केवल सांपों को पकड़ने तक ही सीमित नहीं है। वे इसके जरिए समाज में एक बड़ा संदेश भी दे रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों के मन से सांपों के प्रति डर को निकालना और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना है। वे लोगों को समझाते हैं कि प्रकृति के संतुलन के लिए इन जीवों का जीवित रहना कितना जरूरी है।
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