निमाड़ का पारंपरिक स्वाद अब आपके घर पर
भारत में त्योहारों और खुशियों के मौकों पर मिठाई बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है। हर क्षेत्र की अपनी एक अनूठी और खास मिठाई होती है, जो वहां की संस्कृति और स्वाद को दर्शाती है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के निमाड़ क्षेत्र में भी एक ऐसी ही पारंपरिक बेसन मिठाई बेहद मशहूर है। इस मिठाई का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे बार-बार खाना पसंद करते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इस स्वादिष्ट मिठाई को बनाने के लिए किसी खास तामझाम की जरूरत नहीं होती और यह बेहद साधारण सामग्री से बनकर तैयार हो जाती है।
एक्सपर्ट फुला बाई से सीखें बनाने का तरीका
इस पारंपरिक मिठाई को बनाने का सही और आसान तरीका जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने क्षेत्र की एक्सपर्ट महिला फुला बाई से खास बातचीत की। फुला बाई ने बताया कि इस मिठाई को घर पर बनाना बेहद आसान है। उन्होंने कहा कि यह मिठाई न केवल बड़े-बुजुर्गों को बल्कि बच्चों को भी बहुत पसंद आती है। इसे बनाने में बहुत कम सामग्रियों का इस्तेमाल होता है, जिससे यह शुद्ध और सेहतमंद भी रहती है। फुला बाई के अनुसार, इस मिठाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक बार बनाने के बाद करीब 15 दिन तक बिल्कुल भी खराब नहीं होती है। बस इसे नमी और पानी से बचाकर रखना होता है।
मिठाई के लिए आवश्यक सामग्रियां
इस पारंपरिक बेसन मिठाई को तैयार करने के लिए आपको बहुत ज्यादा सामान बाजार से खरीदने की जरूरत नहीं है। इसके लिए केवल तीन मुख्य चीजों की आवश्यकता होती है। सामग्री की सही मात्रा नीचे दी गई है:
- 1 किलो चने की दाल (बेसन तैयार करने के लिए)
- 400 ग्राम शुद्ध देसी घी
- 400 ग्राम पिसी हुई शक्कर
बेसन मिठाई बनाने की आसान विधि
अगर आप भी इस बार अपने घर पर कुछ मीठा और पारंपरिक बनाने की सोच रहे हैं, तो फुला बाई द्वारा बताई गई इस आसान विधि का पालन कर सकते हैं। इसकी पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:
- दाल की तैयारी: सबसे पहले बाजार से 1 किलो चने की दाल लेकर आएं। इस दाल को अच्छी तरह से साफ कर लें और कुछ समय के लिए धूप में सुखा दें। जब दाल पूरी तरह से सूख जाए, तो इसे पीसकर थोड़ा दरदरा यानी कुरमुरा बेसन तैयार कर लें। ध्यान रहे कि बेसन बहुत ज्यादा बारीक नहीं होना चाहिए, क्योंकि दरदरा बेसन मिठाई को एक बेहतरीन दानेदार बनावट देता है।
- बेसन को भूनना: अब एक भारी तले की कड़ाही लें और उसमें 400 ग्राम शुद्ध देसी घी डालें। घी के गर्म होने पर इसमें तैयार किया हुआ कुरमुरा बेसन डालें। धीमी आंच पर बेसन को लगातार चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि उसमें से अच्छी खुशबू न आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
- मीठा मिलाना: जब बेसन अच्छी तरह से भुन जाए, तो गैस बंद कर दें और कड़ाही को नीचे उतार लें। अब भुने हुए बेसन में 400 ग्राम पिसी हुई शक्कर मिलाएं। सभी सामग्रियों को आपस में बहुत अच्छी तरह से मिक्स कर लें ताकि शक्कर और बेसन एकसार हो जाएं।
- जमाने की प्रक्रिया: जब मिश्रण अच्छे से मिल जाए, तो एक बड़ी ट्रे या थाली लें और उसे थोड़े से घी से चिकना कर लें। तैयार मिश्रण को इस ट्रे में निकालें और समान रूप से फैलाकर अच्छे से दबा दें।
- जमने के लिए रखें: इस मिठाई को पूरी तरह से सेट होने और जमने के लिए करीब 4 से 5 घंटे का समय लगता है। इसे किसी ठंडी और सूखी जगह पर रख दें ताकि यह अच्छे से सेट हो सके।
लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके
जब मिठाई पूरी तरह से जम जाए, तो आप इसे मनचाहे आकार में काट सकते हैं। आपकी स्वादिष्ट और पारंपरिक बेसन की मिठाई बनकर तैयार है। फुला बाई ने विशेष रूप से सलाह दी है कि इस मिठाई को केवल पानी और नमी से बचाकर रखना चाहिए। अगर आप इसे पानी के संपर्क में नहीं आने देंगे, तो यह आसानी से 15 दिन तक बिल्कुल ताजी और स्वादिष्ट बनी रहेगी। आप इसे किसी साफ और हवा बंद डिब्बे में स्टोर करके रख सकते हैं और जब भी कुछ मीठा खाने का मन हो, इसका आनंद ले सकते हैं।
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