दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दिया है। गुरुग्राम के रहने वाले 34 वर्षीय सार्थक मट्टू रोज की तरह अपने दफ्तर के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह फिर कभी अपने घर नहीं लौट पाएंगे। रजोकरी फ्लाईओवर पर एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी जान चली गई। सबसे दुखद बात यह है कि इस भयावह हादसे के ठीक दो दिन बाद सार्थक का 34वां जन्मदिन था। जिस घर में जन्मदिन के जश्न की तैयारियां होनी चाहिए थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा, चीखें और मातम पसरा हुआ है। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के माता-पिता ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से न्याय की गुहार लगाई है।
हादसे का घटनाक्रम और चश्मदीदों की गवाही
यह दर्दनाक वाकया 25 जून की सुबह का है। गुरुग्राम के रहने वाले सार्थक मट्टू अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर नोएडा स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे। जब वह रजोकरी फ्लाईओवर के नजदीक पहुंचे, तभी पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और बेहद तेज रफ्तार थार गाड़ी ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि सार्थक हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह सड़क पर ही तड़पने लगे। आरोप है कि थार का चालक हादसे के बाद मानवता को ताक पर रखकर मौके से फरार हो गया। इसके बाद, वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने सड़क पर पड़े सार्थक के मोबाइल फोन को उठाया और उनके दफ्तर के सहकर्मियों तथा पुलिस को इस हादसे की जानकारी दी। सार्थक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता का छलका दर्द, पीएम मोदी से लगाई गुहार
सार्थक के पिता सुरेंदर मट्टू अपने जवान बेटे को खोने के गम में पूरी तरह टूट चुके हैं। नम आंखों से अपना दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा कि उनका बेटा सड़क पर सुरक्षित यात्रा के सभी नियमों का पालन कर रहा था। सुरेंदर मट्टू ने रोते हुए बताया:
“मेरा बेटा हेलमेट पहनकर पूरी सावधानी से जा रहा था। उन्होंने उसे टक्कर मारी और सड़क पर तड़पता हुआ छोड़कर भाग गए। अगर वे उसे अस्पताल पहुंचा देते, तो शायद आज मेरा बेटा हमारे बीच जिंदा होता।”
इस भीषण हादसे के बाद पीड़ित माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस की जांच और परिवार के गंभीर आरोप
हादसे की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने हादसे में शामिल थार गाड़ी की पहचान कर उसे जब्त कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बीच पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल टेस्ट और ब्लड टेस्ट कराने में भारी देरी की गई। आरोप के अनुसार, यह जांच दुर्घटना के लगभग 50 घंटे बाद कराई गई। इस देरी की वजह से अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि क्या सबूतों के साथ कोई समझौता हुआ है या आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई है।
सार्थक अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका बूढ़ा परिवार आज भी कानून और सरकार से न्याय की आस लगाए बैठा है। इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा और तेज रफ्तार गाड़ियों के कहर से बेगुनाहों की जान जाने के गंभीर मुद्दे को गरमा दिया है।
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