मूलांक 4 और 7 की जोड़ी क्यों मानी जाती है बेहद खास? जानें राहु-केतु का यह अनोखा रहस्य

अंकशास्त्र के अनुसार मूलांक 4 और 7 की जोड़ी को 'मेड इन हेवन' माना जाता है। राहु और केतु के गहरे जुड़ाव के कारण इनके बीच एक अटूट और अनोखा रिश्ता बनता है।

अंकशास्त्र में मूलांक का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। व्यक्ति की जन्मतिथि से तय होने वाला यह नंबर उसके स्वभाव और भविष्य के बारे में बहुत कुछ बताता है। जब बात आपसी रिश्तों और वैवाहिक जीवन की आती है, तो कुछ अंकों की जोड़ियां इतनी सटीक बैठती हैं कि उन्हें 'मेड इन हेवन' यानी स्वर्ग में बनी जोड़ी कहा जाता है। इनमें से एक सबसे अनूठी जोड़ी है मूलांक 4 और मूलांक 7 की।

इस जोड़ी के पीछे एक गहरा ज्योतिषीय और पौराणिक कारण छिपा हुआ है। दरअसल, मूलांक 4 का स्वामी ग्रह राहु को माना गया है, वहीं मूलांक 7 का प्रतिनिधित्व केतु करता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राहु और केतु अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि ये दोनों स्वरभानु नामक एक ही असुर के दो हिस्से हैं। यही वजह है कि जब भी मूलांक 4 और मूलांक 7 वाले लोग आपस में मिलते हैं, तो उन्हें एक-दूसरे से बहुत ही खास और गहरा जुड़ाव महसूस होता है। ये दोनों न केवल बेहतरीन मित्र बनते हैं, बल्कि जीवनसाथी के रूप में भी बहुत सफल सिद्ध होते हैं।

व्यावहारिक दिमाग और संवेदनशील दिल का सुंदर मिलाप

मूलांक 4 वाले लोग स्वभाव से बेहद व्यावहारिक, तर्कसंगत और जमीन से जुड़े होते हैं। वे जीवन को यथार्थ के नजरिए से देखते हैं। इसके ठीक विपरीत, मूलांक 7 वाले लोग बहुत ही संवेदनशील, भावुक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। जब ये दोनों एक रिश्ते में बंधते हैं, तो एक ऐसा तालमेल बनता है जहां व्यावहारिक दुनिया और आध्यात्मिक दुनिया का अद्भुत मिलन होता है। मूलांक 4 वाले इस रिश्ते को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, जबकि मूलांक 7 वाले उसमें प्यार, गहराई और मानसिक संतोष भरते हैं।

कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे के संकटमोचक बनना

जीवन के सफर में उतार-चढ़ाव आना आम बात है, लेकिन यह जोड़ी एक-दूसरे के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती है। जब मूलांक 4 के लोग बहुत अधिक सोच-विचार करने के कारण कभी-कभी मानसिक रूप से उलझन में पड़ जाते हैं या फिर गुस्सा करने लगते हैं, तब मूलांक 7 वाले अपने शांत व्यवहार और गहरी समझ से उन्हें संभाल लेते हैं। दूसरी तरफ, जब मूलांक 7 के लोग अत्यधिक संवेदनशीलता के कारण डिप्रेशन या उदासी की चपेट में आने लगते हैं, तब मूलांक 4 का व्यावहारिक दृष्टिकोण उनके भीतर एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर देता है।

शब्दों की नहीं, मौन की भाषा से समझना

इस जोड़ी की सबसे खूबसूरत बात यह होती है कि इन्हें अपनी भावनाओं को जाहिर करने के लिए शब्दों के सहारे की जरूरत नहीं होती। मूलांक 4 और मूलांक 7 के बीच का रिश्ता इतना गहरा होता है कि वे बिना बोले ही एक-दूसरे के मन की बात और तकलीफ को भांप लेते हैं। उनके बीच का यह अनकहा रिश्ता उनके प्रेम को और अधिक मजबूत बनाता है।

रिश्ते में कड़वाहट से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि यह जोड़ी बेहद शानदार होती है, फिर भी खुशहाल जीवन के लिए इन्हें कुछ बातों की सावधानी रखनी चाहिए। ज्योतिषियों के अनुसार, इस जोड़ी को निम्नलिखित बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:

  • मूलांक 4 वाले जातकों को कभी भी मूलांक 7 वालों की संवेदनशीलता और एकांतप्रिय स्वभाव का उपहास नहीं उड़ाना चाहिए।
  • मूलांक 7 के लोगों को अपनी उस आदत पर काबू पाना चाहिए जहां वे हर बात में कमी निकालते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा संदेह करते हैं।
  • दोनों को एक-दूसरे के व्यक्तिगत स्पेस का सम्मान करना चाहिए ताकि रिश्ते में कभी कड़वाहट न आए।

https://www.indiatv.in/religion/news-mulank-4-aur-7-ki-jodi-kyu-mani-jati-hai-made-in-heaven-janiye-rahu-ketu-ka-anokha-connection-2026-07-02-1228623