कोटा में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी का बड़ा मामला
राजस्थान के कोटा जिले के सांगोद क्षेत्र से ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी VDO दिनेश मीणा साइबर ठगों के जाल में फंस गए हैं। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से उनके बैंक खाते से 2.11 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि गायब कर दी। इस बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने एक बेहद सामान्य भुगतान किया।
500 रुपये के भुगतान से खुला बड़ा राज
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब दिनेश मीणा ने महज 500 रुपये का एक ऑनलाइन भुगतान किया। इस ट्रांजैक्शन के बाद जब उनके मोबाइल फोन पर बैंक का मैसेज आया, तो उसमें दिखाई दे रहे शेष बैलेंस को देखकर उनके होश उड़ गए। खाते में उम्मीद से बेहद कम रकम बची थी। शक होने पर जब उन्होंने अपने बैंक खाते के स्टेटमेंट की बारीकी से जांच की, तो उसमें कई संदिग्ध और अनधिकृत लेन-देन दर्ज मिले, जिन्हें उन्होंने खुद कभी अंजाम नहीं दिया था।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई शुरू
खाते से पैसे गायब होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ग्राम विकास अधिकारी ने तुरंत पुलिस विभाग से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही सांगोद पुलिस और साइबर क्राइम सेल हरकत में आ गई है। जांच एजेंसियां संदिग्ध बैंक खातों, ट्रांजैक्शन आईडी और अन्य डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं ताकि इन शातिर अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
सुरक्षा के लिए पुलिस की महत्वपूर्ण सलाह
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने साइबर सुरक्षा को लेकर निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- किसी भी प्रकार के संदिग्ध बैंक लेन-देन की स्थिति में बिना समय गंवाए तुरंत अपने संबंधित बैंक को सूचित करें ताकि खाते को ब्लॉक किया जा सके।
- साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- घटना की जानकारी जल्द से जल्द अपने नजदीकी पुलिस थाने में दें, ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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