राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी NEET UG 2026 दे चुके लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आ रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं यानी OMR शीट के मूल्यांकन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। इसी बीच, विषय विशेषज्ञों के एक नए दावे ने परीक्षा देने वाले छात्रों के बीच हलचल मचा दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक नहीं, बल्कि दो सवालों को पूरी तरह से हटाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो NTA के नियमों के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को सीधे 8 बोनस अंकों का बड़ा फायदा मिल सकता है।
आपको बता दें कि NTA ने हाल ही में प्रोविजनल आंसर की जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी थीं। इन आपत्तियों को दर्ज कराने की आखिरी तारीख 28 जून तय की गई थी। इस समय सीमा के भीतर रिकॉर्ड 10 हजार से भी ज्यादा चुनौतियां दर्ज कराई गई हैं। शुरुआत में केवल फिजिक्स के सवालों पर ही चर्चा हो रही थी, लेकिन अब जूलॉजी विभाग के भी एक सवाल पर एक्सपर्ट्स ने आपत्ति दर्ज करा दी है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि इस प्रश्न के चारों विकल्प एनसीईआरटी (NCERT) के पाठ्यक्रम से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर यह पूरा विवाद क्या है और किन परिस्थितियों में छात्रों को बोनस अंक दिए जाएंगे।
अब जूलॉजी के इस सवाल पर खड़ा हुआ नया विवाद
नीट यूजी की प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद से ही विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजस्थान के कोटा शहर के बड़े नीट विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के पेपर कोड 470 में प्रश्न संख्या 167 जो कि जूलॉजी सेक्शन से पूछा गया था, उसके चारों विकल्प पूरी तरह से गलत हैं। चूंकि नीट परीक्षा का पूरा आधार और पाठ्यक्रम मुख्य रूप से NCERT की किताबों पर ही केंद्रित होता है, इसलिए यदि कोई सवाल या उसके विकल्प पाठ्यपुस्तक के सिलेबस से बाहर के होते हैं, तो NTA को उस प्रश्न को परीक्षा से हटाना पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सवाल में स्पष्ट रूप से गलती है, जिसके कारण छात्रों को इसका पूरा मुआवजा बोनस अंकों के रूप में मिलना लगभग तय है।
फिजिक्स के दो सवालों पर पहले से ही मचा है बवाल
जूलॉजी के इस नए विवाद से पहले ही भौतिक विज्ञान यानी फिजिक्स के दो सवालों को लेकर कोचिंग एक्सपर्ट्स और परीक्षार्थियों के बीच काफी मतभेद देखने को मिल रहे थे। पहला मामला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (EM Waves) से जुड़े एक सवाल का है, जिसके दो विकल्प सही पाए गए हैं। ऐसी स्थिति में, जिन छात्रों ने उन दोनों में से किसी भी एक सही विकल्प को चुना होगा, उन्हें पूरे अंक दिए जाएंगे।
वहीं, फिजिक्स का दूसरा विवाद वर्नियर कैलिपर्स वाले सवाल को लेकर है। इस सवाल के चारों ही विकल्प गलत पाए गए हैं। इस बड़ी त्रुटि की वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि फिजिक्स के इस सवाल को परीक्षा से पूरी तरह हटाना (ड्रॉप करना) तय है। इसके बदले परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों को बराबर बोनस अंक दिए जाएंगे।
ओएमआर चेकिंग के साथ बोनस अंक देने की तैयारी तेज
इधर, NTA ने बिना समय गंवाए कॉपियों की जांच यानी OMR शीट का मूल्यांकन बहुत तेज गति से शुरू कर दिया है। परीक्षा में मिले रिकॉर्ड 10 हजार से ज्यादा ऑब्जेक्शन्स की समीक्षा करने के बाद अब नीट यूजी 2026 की फाइनल आंसर की को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चूंकि इस बार दो सवाल (एक फिजिक्स और एक जूलॉजी) हटाए जाने की पूरी संभावना बन रही है, इसलिए NTA बैकएंड स्तर पर ही रिजल्ट तैयार करते समय 8 बोनस नंबर जोड़ने का फॉर्मूला सेट कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जब अंतिम परिणाम घोषित हो, तो किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या गड़बड़ी का सामना न करना पड़े।
समझिए NTA का बोनस अंक देने का '4-वे फॉर्मूला'
अक्सर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले और परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों के मन में यह उलझन रहती है कि बोनस अंक वास्तव में किन्हें मिलते हैं और इसके नियम क्या हैं। इस संशय को दूर करने के लिए NTA ने चार बहुत ही स्पष्ट और आसान नियम निर्धारित किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- प्रश्न पूरी तरह हटाए (ड्रॉप) जाने पर: यदि परीक्षा में पूछा गया कोई सवाल गलत साबित होता है या वह निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर का होता है, तो NTA द्वारा उस सवाल को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। ऐसी स्थिति में परीक्षा में उपस्थित होने वाले सभी विद्यार्थियों को समान रूप से 4 अंक दिए जाते हैं, चाहे उन्होंने उस सवाल को हल करने की कोशिश की हो या नहीं।
- एक से अधिक विकल्प सही होने की स्थिति में: यदि किसी प्रश्न के दो उत्तर सही पाए जाते हैं, तो बोनस अंक केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दिए जाते हैं जिन्होंने उन दोनों सही विकल्पों में से किसी एक को अपने उत्तर पत्रक में चुना हो।
- सभी विकल्पों के सही होने पर: यदि किसी प्रश्न के चारों विकल्प सही मान लिए जाते हैं, तो उन सभी उम्मीदवारों को अंक दिए जाते हैं जिन्होंने उस प्रश्न को हल करने का प्रयास किया था। प्रश्न न छूने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता।
- कोई भी विकल्प सही न होने पर: वर्तमान जूलॉजी के प्रश्न की तरह, यदि किसी सवाल के चारों विकल्प ही गलत साबित होते हैं, तो उस प्रश्न को भी पूरी तरह से ड्रॉप मान लिया जाता है। इस परिस्थिति में परीक्षा देने वाले सभी कैंडिडेट्स को बिना किसी भेदभाव के 4 बोनस अंक दे दिए जाते हैं।
https://hindi.news18.com/news/career/education-neet-ug-2026-bonus-marks-dropped-questions-zoology-physics-10620961.html