हिमाचल के भरमौर में भारी बारिश का कहर: अस्थाई पुल टूटने से बनी माता मंदिर के पास फंसे 25 से 30 श्रद्धालु, एनडीआरएफ की टीम रवाना

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के चलते एक अस्थाई लकड़ी का पुल बह गया है, जिससे बनी माता मंदिर के पास करीब 25 से 30 श्रद्धालु फंस गए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें भेज दी गई हैं।

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून के दस्तक देते ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसने पर्वतीय क्षेत्रों में आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारी बारिश के कारण एक अस्थाई लकड़ी का पुल टूट गया है। इस हादसे के चलते प्रसिद्ध बनी माता मंदिर के पास दर्शन करने गए लगभग 25 से 30 श्रद्धालु फंस गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी फंसे हुए लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य में जुट गई हैं।

बचाव कार्य तेज, एनडीआरएफ और स्थानीय दल मौके पर रवाना

चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि भरमौर के एसडीएम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ग्रां से आगे स्थित बनी माता मंदिर की ओर लगभग 40 से 50 श्रद्धालु दर्शन के लिए गए थे। इनमें से कुछ श्रद्धालु समय रहते सुरक्षित वापस लौट आए, लेकिन अचानक तेज बारिश के कारण वहां बना अस्थाई लकड़ी का पुल टूटकर बह गया। पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से लगभग 25 से 30 श्रद्धालु वहीं फंस गए।

प्रशासन को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए भरमौर पर्वतारोहण संस्थान, लोक निर्माण विभाग के श्रमिकों और स्थानीय प्रशासन की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। इस टीम में करीब 15 से 20 सदस्य शामिल हैं, जो रेस्क्यू कार्य को अंजाम दे रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक विशेष टीम भी घटना स्थल के लिए रवाना हो चुकी है। प्रशासन द्वारा फंसे हुए श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पीने का पानी और अस्थाई आश्रय की व्यवस्था भी मौके पर की जा रही है।

नेटवर्क की कमी और दुर्गम पहाड़ी रास्ता बनी चुनौती

आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों में कुछ स्थानीय भेड़पालक भी शामिल हैं और कुछ लोग माता के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के उद्देश्य से वहां गए थे। ये सभी लोग बनी माता मंदिर से भी करीब 35 किलोमीटर ऊपर पैदल पहाड़ी रास्ते से चढ़ाई करके गए थे और वहां स्थित छड़ोले वाली ल्यूंडी नामक अत्यंत दुर्गम स्थान पर फंसे हुए हैं। इस सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण राहत दलों को फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

भरमौर-चंबा मार्ग पर यातायात ठप, मौसम विभाग का अलर्ट

भारी बारिश के कारण चंबा जिले के अन्य हिस्सों में भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गुरुवार को हुई तेज बारिश के चलते भरमौर-चंबा मुख्य मार्ग पर दिनका घार के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिर गया, जिससे सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं।

मौसम विभाग के शिमला केंद्र ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम से जुड़े मुख्य अपडेट्स इस प्रकार हैं:

  • मौसम विभाग ने 2 और 3 जुलाई के लिए प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।
  • हिमाचल प्रदेश में आगामी 8 जुलाई तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई गई है।
  • हालांकि, राहत के तौर पर 4 जुलाई को बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है।
  • पिछले 12 घंटों के दौरान सिरमौर जिले के पावंटा साहिब में सबसे ज्यादा 100 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

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