उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं और पहले से पढ़ा रहे अध्यापकों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राज्य में आज से शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UPTET का आगाज हो चुका है। तीन दिनों तक चलने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए शासन ने कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस पूरी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि पेपर लीक या किसी भी तरह की नकल की कोई गुंजाइश न रहे।
कड़े सुरक्षा घेरे में अभ्यर्थी, इन चीजों पर लगा प्रतिबंध
परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन बेहद सख्त नजर आ रहा है। सेंटर्स पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कड़े नियम लागू किए गए हैं:
- महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को चूड़ी, अंगूठी, कड़े जैसे कोई भी आभूषण पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन्हें प्रवेश द्वार पर ही उतरवाया जा रहा है।
- परीक्षा कक्ष के भीतर केवल प्रवेश पत्र, एक वैध पहचान पत्र, तीन पासपोर्ट साइज तस्वीरें और पेन या पेंसिल ले जाने की ही इजाजत है।
- परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल घड़ी, धूप के चश्मे (गॉगल्स) जैसी सामग्रियां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं।
- पीने के पानी की बोतल भी केवल पारदर्शी और सफेद रंग की होनी चाहिए, जिस पर किसी भी प्रकार का कोई लेबल या स्टीकर न लगा हो।
परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और जिलों का विवरण
यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए कुल 955 केंद्र बनाए गए हैं, जहां अलग-अलग पालियों में इम्तिहान लिया जा रहा है। इस परीक्षा में लगभग 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस विशाल संख्या में वे पौने दो लाख कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं, जो पहले से ही स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का नियम और कार्यरत शिक्षकों के लिए चुनौती
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेशों के अनुसार अब बिना TET उत्तीर्ण किए कोई भी व्यक्ति शिक्षक के रूप में कार्य नहीं कर सकता है। उत्तर प्रदेश में साल 2010 से पहले के लगभग पौने दो लाख शिक्षक ऐसे हैं, जो स्कूलों में अध्यापन तो कर रहे हैं लेकिन उनके पास TET का प्रमाणपत्र नहीं है। न्यायालय के आदेशानुसार, इन सभी शिक्षकों को अपनी नौकरी सुरक्षित रखने के लिए आगामी तीन साल के भीतर इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को निर्देशित किया है कि जो शिक्षक पहले से पढ़ा रहे हैं, उन्हें इस पात्रता परीक्षा को पास करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कार्यरत शिक्षक को अवसरों की कमी के कारण किसी समस्या का सामना न करना पड़े।
दूसरी ओर, परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम बेहद सराहनीय और कड़े हैं। हालांकि, अभ्यर्थियों ने यह चिंता भी जताई कि बस किसी भी तरह से पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों, क्योंकि ऐसी गड़बड़ियों से युवाओं की महीनों की कड़ी मेहनत और तैयारियां पूरी तरह बेकार हो जाती हैं।
https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/uttar-pradesh-uptet-exam-begins-today-strict-security-arrangements-cm-yogi-is-personally-monitoring-situation-2026-07-02-1228624