आजमगढ़ जिले और उसके आसपास के मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। अब नाक, कान और गले से जुड़ी गंभीर बीमारियों के आधुनिक इलाज और सर्जरी के लिए स्थानीय लोगों को बनारस या लखनऊ जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। आजमगढ़ के मंडलीय जिला अस्पताल में जल्द ही आधुनिक दूरबीन विधि यानी एंडोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन की बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के शुरू होने से न केवल मरीजों का पैसा बचेगा, बल्कि उन्हें अपने ही शहर में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य लाभ भी मिल सकेगा।
बिना चीरे के आधुनिक तकनीक से होगा नाक का ऑपरेशन
चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक के विकास के साथ ही अब इलाज के तौर-तरीके भी काफी बदल गए हैं। आजमगढ़ के मंडलीय अस्पताल में नाक, कान और गले (ENT) के मरीजों के लिए जो नई व्यवस्था शुरू की जा रही है, वह पूरी तरह से आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक पर आधारित होगी। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मरीज के शरीर पर बाहर से कोई चीरा या टांका नहीं लगाया जाता है। डॉक्टरों द्वारा नाक के रास्ते ही अत्याधुनिक दूरबीन और मशीनों को अंदर डालकर प्रभावित हिस्से की सर्जरी की जाती है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस आधुनिक विधि से मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं का सफल इलाज किया जाएगा:
- नाक की हड्डी बढ़ने की समस्या का निदान
- नाक के अंदर असामान्य रूप से मांस बढ़ने (पॉलिप्स) का उपचार
- नाक के भीतर होने वाली पुरानी सूजन और इन्फेक्शन का खात्मा
बिना किसी बाहरी कट के होने वाले इस ऑपरेशन के बाद मरीज को ठीक होने में भी बहुत कम समय लगता है और उसे अस्पताल में अधिक दिनों तक रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
प्राइवेट अस्पतालों की महंगी फीस से मिलेगी बड़ी राहत
आमतौर पर इस तरह की आधुनिक दूरबीन विधि से ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ता था। निजी चिकित्सा केंद्रों और अस्पतालों में एंडोस्कोपिक तकनीक से नाक की सर्जरी कराने का खर्च करीब 50,000 रुपये या उससे भी कहीं अधिक आता है। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इस महंगे इलाज का खर्च उठा पाना बेहद मुश्किल हो जाता था। पैसे के अभाव में कई बार लोग इलाज टालते रहते थे जिससे उनकी तकलीफ और बढ़ जाती थी।
लेकिन अब जिला अस्पताल में इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से मरीजों को इलाज के लिए भारी-भरकम राशि नहीं चुकानी होगी। अस्पताल में आने वाले सामान्य मरीजों को यह इलाज बहुत ही न्यूनतम और रियायती दरों पर मिलेगा, जिससे उनके घर का बजट नहीं बिगड़ेगा।
आयुष्मान कार्डधारकों को मिलेगा बिल्कुल मुफ्त इलाज
इस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को होने वाला है। जिन मरीजों के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड उपलब्ध है, उन्हें आजमगढ़ मंडलीय अस्पताल में इस आधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी के लिए एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा। आयुष्मान कार्ड धारकों का पूरा इलाज पूरी तरह से निःशुल्क यानी मुफ्त किया जाएगा। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं होगी, क्योंकि उन्हें अब बेहतरीन डॉक्टरों की देखरेख में बिना किसी खर्च के उच्च स्तरीय इलाज मिल सकेगा।
शासन को भेजा गया प्रस्ताव, जल्द शुरू होगी सेवा
अब तक आजमगढ़ के जिला अस्पताल में इस आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा इसलिए उपलब्ध नहीं थी क्योंकि यहां आवश्यक उपकरणों और उन्नत मशीनों की कमी थी। इसके कारण डॉक्टरों के पास योग्यता होने के बावजूद वे मरीजों को यह सुविधा नहीं दे पाते थे और गंभीर मामलों को लखनऊ या वाराणसी के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। अब इस कमी को दूर करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
इस पूरी योजना और इसकी प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतीश चंद्र कनौजिया ने बताया कि अस्पताल में एंडोस्कोपी तकनीक से मरीजों के इलाज की व्यवस्था जल्द से जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों और मशीनों की मांग को लेकर शासन को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। शासन स्तर से जैसे ही इन अत्याधुनिक मशीनों और जरूरी उपकरणों की खेप अस्पताल को प्राप्त हो जाएगी, वैसे ही प्रशिक्षित वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों के लिए इस दूरबीन विधि से ऑपरेशन की शुरुआत कर दी जाएगी।
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