देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों यानी दिल्ली-NCR में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम से बड़ी राहत मिली है। दूसरी तरफ, मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के 12 राज्यों में आज भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है, जहां पालघर जिले में बारिश का रेड अलर्ट और मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा, ठाणे में भी मौसम विभाग (IMD) ने अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के अपने घरों से बाहर न निकलें।
दिल्ली-एनसीआर में समय से पहले पहुंचा मानसून, बदला मौसम का मिजाज
दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों में गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हुआ था। इसके तुरंत बाद कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने पहले दिल्ली में मानसून के सक्रिय होने के लिए 4 जुलाई की तारीख का अनुमान लगाया था, लेकिन उम्मीद से दो दिन पहले ही बादलों ने राजधानी को सराबोर कर दिया। इस बारिश ने पिछले कई हफ्तों से पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी से दिल्लीवासियों को निजात दिलाई है और तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली के अलावा उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम का मिजाज कड़ा रहने की संभावना है।
मुंबई, बांद्रा और जुहू में सड़कों पर दिखा समंदर जैसा नजारा
मानसून की इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र का तटीय इलाका हुआ है। मुंबई के पॉश इलाकों बांद्रा और जुहू में सड़कें पानी में पूरी तरह डूब चुकी हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। सड़कों पर भारी जलजमाव होने की वजह से कई महत्वपूर्ण सबवे को यातायात के लिए बंद करना पड़ा है। वसई-विरार क्षेत्र में हालात और भी खराब दिखे, जहां मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय नदी-नाले उफान पर आ गए। यहां पानी के तेज बहाव में दो कारें खिलौनों की तरह बहती हुई दिखाई दीं। हालांकि, एक बड़ा हादसा होने से टल गया क्योंकि कारों में सवार लोगों ने समय रहते बाहर छलांग लगा दी और अपनी जान बचाने में सफल रहे।
मुंबई में बारिश के आंकड़े और यातायात की ताजा स्थिति
मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में बुधवार रात से ही लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति इस प्रकार रही है:
- मुंबई मुख्य शहर में लगभग 134 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
- पूर्वी उपनगरों में रिकॉर्ड 164 मिलीमीटर तक पानी बरसा है।
- पश्चिमी उपनगरों में करीब 149 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
भारी बारिश के कारण मुंबई के अंधेरी सबवे में सुबह करीब 4 बजे भारी मात्रा में पानी जमा हो गया था, जिससे वहां वाहनों की आवाजाही को कुछ समय के लिए पूरी तरह रोकना पड़ा। हालांकि, जैसे ही जलस्तर में कमी आई, यातायात को दोबारा बहाल कर दिया गया। किंग्स सर्कल के कुछ हिस्सों में भी सड़कों पर पानी भरा देखा गया, लेकिन वहां यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। कुर्ला के निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि मुंबई की जीवन रेखा मानी जाने वाली उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है।
ठाणे में जलभराव से लगा भारी जाम, अन्य राज्यों में भी बाढ़ जैसे हालात
ठाणे जिले के निचले रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर भारी जलभराव देखने को मिल रहा है। कई मुख्य मार्गों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो चुका है। इस वजह से सड़कों पर चल रही गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो गईं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरे मुंबई में बुधवार को भी भारी बारिश दर्ज की गई थी। केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश और असम में भी मानसून का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में भी नदियां और नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों की रिहायशी बस्तियों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इन सभी क्षेत्रों में अलर्ट जारी रखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
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