अरब सागर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अमेरिकी नौसेना का एक युद्धक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गया लेकिन उसे आपातकालीन परिस्थितियों में समुद्र की लहरों पर उतारना पड़ा। इस दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर में सवार चालक दल के चार सदस्यों में से एक सदस्य लापता हो गया है, जिसकी तलाश के लिए अमेरिकी नौसेना ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। राहत की बात यह है कि हेलीकॉप्टर में सवार अन्य तीन सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
अरब सागर में आपातकालीन लैंडिंग और बचाव कार्य
अमेरिकी नौसैनिक बलों की सेंट्रल कमांड (जिसे संक्षेप में NAVCENT कहा जाता है) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना 1 जुलाई को अमेरिकी समयानुसार सुबह लगभग साढ़े तीन बजे घटित हुई। अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर अपनी नियमित उड़ान पर था, तभी उसमें कुछ गंभीर तकनीकी गड़बड़ी या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न हो गई। किसी बड़े हादसे को टालने के लिए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को अरब सागर के पानी पर उतारने का फैसला किया।
इस हेलीकॉप्टर में चालक दल के कुल चार सदस्य सवार थे। आपातकालीन लैंडिंग के तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन सैन्य कर्मियों को समुद्र से सुरक्षित निकालकर विमानवाहक युद्धपोत पर पहुँचाया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, बचाए गए तीनों सैनिकों की स्थिति पूरी तरह से स्थिर और सामान्य है। हालांकि, चालक दल का चौथा सदस्य इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लापता हो गया, जिसकी खोज के लिए नौसेना के जहाज, हेलीकॉप्टर और अन्य आधुनिक तकनीक से लैस संसाधन लगातार अरब सागर में गश्त कर रहे हैं।
विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश पर तैनात था हेलीकॉप्टर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना का शिकार हुआ यह MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर अमेरिकी नौसेना के विशालकाय विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश (CVN-77) पर तैनात था। यह युद्धपोत अप्रैल के अंत से ही मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में तैनात है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि शुरुआती जांच में इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि यह घटना किसी दुश्मन देश के हमले या किसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का नतीजा थी। इसे पूरी तरह से एक तकनीकी खराबी या परिचालन से जुड़ी आपात स्थिति माना जा रहा है। हालांकि, घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए नौसेना ने एक उच्च स्तरीय विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी चुनौतियां
पश्चिम एशिया के इस अशांत क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर से जुड़ी यह दूसरी बड़ी और चिंताजनक घटना है। इससे पहले, जून महीने की शुरुआत में एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन द्वारा मार गिराया गया था। हालांकि, उस घटना में भी दोनों पायलट सुरक्षित बच गए थे, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई की थी।
वर्तमान समय में इस रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी सेना के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं:
- अमेरिकी नौसेना के दो विमानवाहक पोत इस समय मध्य पूर्व क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय हैं।
- हालांकि अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की अपनी नाकेबंदी को समाप्त कर दिया है, लेकिन सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सेना की उपस्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है।
- अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिकी सेना पहले भी कई फिक्स्ड-विंग विमानों और हेलीकॉप्टरों को गंवा चुकी है।
इस नए हादसे ने एक बार फिर मध्य पूर्व में जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों, तकनीकी सुरक्षा और सैनिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी नौसेना के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने लापता जवान को सुरक्षित खोजना है, जिसके लिए अरब सागर में रात-दिन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
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