उत्तर प्रदेश के शामली में कथित धर्मांतरण का नया मामला: आयुष मलिक के बाद अब कार्तिक के परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में धर्मांतरण का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने सहारनपुर की मुस्लिम युवती पर अपने इकलौते बेटे का धर्म परिवर्तन कराने और 35 बीघा जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले से कथित धर्मांतरण और धमकी देने का एक और बेहद गंभीर मामला सामने आया है। हाल ही में हुए आयुष मलिक प्रकरण के बाद, अब जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र से राजपूत समाज के एक युवक के जबरन धर्म परिवर्तन की खबर ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पीड़ित परिवार अपने इकलौते बेटे को वापस पाने और इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। इस संवेदनशील मामले को लेकर बघरा स्थित साधना पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

डेढ़ साल से लापता है इकलौता बेटा

भाऊखेड़ा गांव के रहने वाले पीड़ित माता-पिता अत्यंत दयनीय स्थिति में साधना पीठ आश्रम पहुंचे और स्वामी यशवीर महाराज को अपनी आपबीती सुनाई। परिजनों के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पहले सहारनपुर की रहने वाली एक मुस्लिम युवती उनके इकलौते बेटे कार्तिक को अपने साथ लेकर चली गई थी। परिवार का आरोप है कि वहां ले जाने के बाद उनके बेटे का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया और अब वह पूरी तरह से इस्लाम धर्म के अनुसार जीवन जी रहा है। पीड़ित माता-पिता अपने बेटे की तलाश में लगातार भटक रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक सफलता नहीं मिली है।

35 बीघा जमीन हड़पने की साजिश और जान से मारने की धमकी

पीड़ित परिवार ने केवल धर्म परिवर्तन ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति को भी हड़पने की गहरी साजिश का आरोप लगाया है। माता-पिता ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मुख्य बिंदु उठाए हैं:

  • जबरन धर्मांतरण: सहारनपुर की एक मुस्लिम युवती पर आरोप है कि वह पीड़ित परिवार के इकलौते बेटे कार्तिक राजपूत को फुसलाकर ले गई और उसका धर्म बदलवा दिया।
  • जमीन हड़पने का दबाव: परिजनों का दावा है कि वह युवती लगातार फोन पर धमकी देकर परिवार की 35 बीघा कृषि भूमि अपने नाम कराने का अनुचित दबाव बना रही है।
  • जान से मारने की धमकी: युवती ने परिजनों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अपनी जमीन उसके नाम नहीं ट्रांसफर की, तो वे उनके बेटे कार्तिक को जान से मार देंगे।

पुलिस की कार्रवाई पर खड़े हुए सवाल

स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि पीड़ित परिवार पिछले डेढ़ साल से न्याय की गुहार लगाते हुए थानों के चक्कर काट रहा है। परिजनों का दावा है कि इस संबंध में झिंझाना थाने में लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। स्वामी यशवीर महाराज ने शामली के पुलिस अधीक्षक से व्यक्तिगत रूप से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने वाले आरोपियों और इस कृत्य में शामिल मौलवी के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।

आंदोलन की चेतावनी और पुलिस का रुख

साधना पीठ आश्रम के स्वामी यशवीर महाराज ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो हिंदू समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की स्थिति में वे हिंदू समुदाय के लोगों को साथ लेकर ननौता में संबंधित पक्ष के घर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे और यह आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।

वहीं दूसरी ओर, शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि झिंझाना थाना प्रभारी को इस मामले की गहनता से जांच करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने विश्वास दिलाया कि जांच के दौरान जो भी प्रासंगिक तथ्य और सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमसंगत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

शामली जिले में हाल के दिनों में इस तरह का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले आयुष मलिक नाम के एक युवक के धर्मांतरण की खबर काफी चर्चा में रही थी, जिसने बाद में घर वापसी करते हुए पुनः सनातन धर्म अपना लिया था। अब कार्तिक के मामले ने स्थानीय स्तर पर आक्रोश और चिंता को और बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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