पाकिस्तान में गहराया जल संकट, जनता सड़कों पर उतरी तो नेता दे रहे भारत को युद्ध की धमकी

सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद पाकिस्तान में पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे वहां के हालात बिगड़ते जा रहे हैं और पाकिस्तानी नेता अब भारत को युद्ध की गीदड़भभकी दे रहे हैं।

पाकिस्तान में पानी के लिए हाहाकार

सिंधु जल संधि यानी इंडस वॉटर ट्रीटी के निलंबित होने के बाद पाकिस्तान अब भीषण जल संकट से जूझ रहा है। देश के प्रमुख बांधों और जलाशयों में पानी का स्तर अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुका है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि पाकिस्तान की आम जनता पानी की आपूर्ति की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है और विरोध प्रदर्शन कर रही है। एक तरफ जनता बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रही है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के राजनेता अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भारत को युद्ध की धमकियां दे रहे हैं।

इस्लामाबाद में आयोजित इंटरनेशनल सेमिनार में दिखा बौखलाहट

हाल ही में इस्लामाबाद में सिंधु जल समझौते को लेकर एक इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी जैसे बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। सेमिनार में आमंत्रित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सामने इन नेताओं ने फिर से अपना पुराना राग अलापा और सिंधु नदी के पानी के लिए खून बहाने की बात कही। पाकिस्तानी नेताओं का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत पर दबाव नहीं बनाया, तो पाकिस्तान में लाखों लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत सिंधु जल समझौते को पूरी तरह बहाल नहीं करता है, तो पाकिस्तान जंग करने से पीछे नहीं हटेगा।

क्या है समझौते के निलंबन का कारण

गौरतलब है कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित करने का कड़ा फैसला लिया था। इसके बाद से भारत ने कश्मीर में सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर अटके हुए अपने बांध और जल परियोजनाओं के काम को काफी तेज कर दिया है। इसी कारण पाकिस्तान की आर्थिक और भौगोलिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

बिलावल भुट्टो जरदारी के उकसावे भरे बयान

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफ लाइन बताते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान के हक का पानी रोककर लोगों को प्यासा मारने की साजिश रच रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस भारतीय दादागीरी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिंधु समझौते के तहत मिलने वाले पानी के अधिकार की रक्षा के लिए पाकिस्तान का हर नागरिक अंतिम सांस तक लड़ने के लिए तैयार है।

पर्यावरण मंत्री के बेतुके दावे

पाकिस्तान के पर्यावरण मंत्री मुसद्दिक मलिक ने भी इस मुद्दे पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत द्वारा पानी रोके जाने का इरादा पाकिस्तान में नरसंहार करने जैसा है। मलिक ने अंतरराष्ट्रीय जगत से आग्रह किया कि वे भारत को समझाएं कि सिंधु समझौता दुनिया की सबसे मजबूत जल संधि रही है और इसके टूटने से भारी तबाही हो सकती है। हालांकि, हकीकत यही है कि पाकिस्तान खुद अपने कुप्रबंधन और जल संकट के डर से घबराया हुआ है और अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत को निशाना बना रहा है।

https://www.indiatv.in/world/asia/pakistan-is-grappling-with-a-water-crisis-the-public-is-protesting-while-leaders-are-issuing-empty-threats-to-india-2026-07-01-1228594