सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज, सिवनी में खुद धान बोई और करोड़ों की सौगात दी

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सिवनी दौरे के दौरान खेत में उतरकर धान रोपाई की और किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जिले के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया।

सिवनी में मुख्यमंत्री की सादगी और सौगातों का दिन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने 1 जुलाई को सिवनी में एक अलग ही अंदाज पेश किया। वे न केवल विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त लेकर आए बल्कि उन्होंने सीधे खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपाई भी की। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां मौजूद आम लोगों और किसानों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे सीधी बातचीत की। उनकी यह सादगी भरी कार्यशैली लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी रही। सीएम यादव ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वे एक आम इंसान की तरह ही जनता के हितों और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

349.33 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

सिवनी जिले के लिए यह दौरा काफी लाभकारी रहा। मुख्यमंत्री ने वहां आयोजित धान महोत्सव में भाग लिया और कोदो कुटकी के लिए बोनस का वितरण करने के साथ ही बड़ी विकास योजनाओं की नींव रखी। सिवनी के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने 349.33 करोड़ रुपये की लागत वाले कुल 586 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 144.8 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमि-पूजन भी संपन्न किया। इस दौरान उन्होंने वहां लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कन्या पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने बालाघाट से सिवनी के बीच फोर लेन सड़क निर्माण, चमारा विकासखंड में नए स्टेडियम और एक शासकीय महाविद्यालय के निर्माण की बड़ी घोषणाएं भी कीं।

श्रीअन्न योजना से किसानों को सीधा लाभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धान को आज वैश्विक स्तर पर जीआई टैग मिलने से नई पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3941 किसानों को कोदो कुटकी के लिए बोनस के रूप में 282.99 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। सरकार ने प्रति क्विंटल 1000 रुपये के मान से यह बोनस दिया है। यह पहला मौका है जब राज्य में शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी की खरीद के लिए अभियान चलाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री जनकल्याण यानी संबल 2.0 योजना के तहत प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों के खाते में 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि सिंगल क्लिक के जरिए पहुंचाई गई है।

गरीब और श्रमिक वर्ग का संबल

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने गरीब और जरूरतमंदों के लिए संबल जैसी योजनाओं को प्राथमिकता नहीं दी थी। संबल योजना के लाभ गिनाते हुए उन्होंने बताया कि दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और अपंगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा, श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए पात्र परिवारों की पहचान के लिए भी सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है ताकि कोई भी बेघर न रहे।

खेती और फसलों को लेकर सरकार की नई दिशा

कोदो कुटकी और मोटे अनाजों के महत्व पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि पहले इन्हें गरीबों की फसल माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न के रूप में इन्हें पूरी दुनिया में सम्मान दिलाया है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि अलनीनो के प्रभाव के चलते मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए उन्हें कोदो कुटकी जैसी वैकल्पिक फसलों की तैयारी रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के लिए कुल 2 हजार 83 लाख रुपये की बोनस राशि वितरित की गई है। सरकार इन अनाजों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर भी ध्यान दे रही है। साथ ही, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना का लाभ दिया जा रहा है और जल्द ही धान उत्पादकों के लिए भी भावांतर योजना शुरू की जाएगी, जिससे बाजार मूल्य और एमएसपी के अंतर की भरपाई सरकार करेगी।

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