भोपाल: 11 साल तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा हत्या का आरोपी, 80 से अधिक लोगों को किया HIV संक्रमित

भोपाल में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जहाँ एक हत्या के आरोपी ने 11 साल तक खुलेआम घूमते हुए न केवल एक और हत्या की, बल्कि 80 से अधिक लोगों को जानलेवा HIV संक्रमण का शिकार बना दिया।

भोपाल पुलिस की बड़ी चूक का खौफनाक सच

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला मिसरोद पुलिस की एक ऐसी गंभीर लापरवाही को उजागर करता है, जिसकी कीमत दर्जनों निर्दोष लोगों को अपनी सेहत और जिंदगी से चुकानी पड़ी है। एक हत्या का आरोपी जो पुलिस की पकड़ में होना चाहिए था, वह 11 वर्षों तक कानून की आंखों में धूल झोंककर आजाद घूमता रहा। इस दौरान उसने न केवल एक और हत्या जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया, बल्कि 80 से अधिक लोगों को HIV जैसे गंभीर रोग से संक्रमित कर दिया। यह सनसनीखेज खुलासा हाल ही में कटारा हिल्स थाना पुलिस की ओर से की गई एक गहन जांच के दौरान हुआ है।

साल 2015 की वह बड़ी गलती

इस पूरे प्रकरण की जड़ें दिसंबर 2015 में जुड़ी हैं। उस समय एक परिवार ने अपने 7 वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचित किया था। पीड़ित परिवार ने आरोपी के बारे में पुख्ता जानकारी भी दी थी। उस वक्त मिसरोद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पूछताछ के लिए थाने तो बुलाया, लेकिन संवेदनहीनता और लापरवाही के चलते उसे छोड़ दिया गया। यह निर्णय पुलिस विभाग की सबसे बड़ी चूक साबित हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उस समय आरोपी को हिरासत में ले लिया जाता या सख्ती से कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती, तो वह भविष्य में होने वाले अनगिनत अपराधों और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता था।

अपराधों का सिलसिला और संक्रमण का जाल

पुलिस की लापरवाही का लाभ उठाकर आरोपी अगले 11 वर्षों तक बिना किसी डर के समाज में सक्रिय रहा। इस लंबी अवधि में उसने न केवल अपराध किए, बल्कि उसने अनैतिक शारीरिक संबंध बनाकर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों को HIV संक्रमित किया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को वर्ष 2022 में ही यह जानकारी मिल गई थी कि वह स्वयं HIV पॉजिटिव है। इसके बावजूद उसने अपनी आपराधिक प्रवृत्तियों को नहीं रोका और अनैतिक संबंधों का सिलसिला जारी रखा। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क काफी विस्तृत था और उसने दर्जनों लोगों की जिंदगियां बर्बाद कर दीं।

पैसे का लालच और शोषण का तरीका

आरोपी की कार्यप्रणाली के बारे में पुलिस को जो जानकारी मिली है, वह बेहद हैरान करने वाली है। उसने अपनी शिकार बनाने के लिए कई तरीके अपनाए थे:

  • आरोपी के 100 से अधिक लोगों के साथ संपर्क में रहने का दावा किया जा रहा है।
  • उसके सीधे संपर्क में 15 से अधिक महिलाएं शामिल थीं।
  • वह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को पैसों का प्रलोभन देता था और फिर उनका शारीरिक शोषण करता था।

भोपाल के कई प्रमुख स्थान जैसे बोर्ड ऑफिस चौराहा, प्रभात चौराहा, कमला पार्क, न्यू मार्केट और नाका क्षेत्र इस आरोपी की गतिविधियों के मुख्य केंद्र रहे थे। इन इलाकों के कई लोग अनजाने में ही उसकी साजिश का हिस्सा बन गए और जानलेवा बीमारी से ग्रस्त हो गए।

कटारा हिल्स पुलिस की जांच से खुली पोल

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब कटारा हिल्स पुलिस एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में जुटी थी। जांच के तार पुराने मामलों से जुड़ते चले गए और अंततः आरोपी का नाम सामने आया। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि मिसरोद थाना क्षेत्र में आरोपी के खिलाफ साल 2022 में भी मामला दर्ज हुआ था। उस समय उसे गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन किसी तरह वह फिर से छूटकर बाहर आ गया और अपनी हरकतें जारी रखीं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी डॉ. रजनीश कश्यप ने बताया कि 2022 के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अब कोई और शिकायतकर्ता सामने आता है, तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, सवाल अब भी वही है कि 11 साल तक चली इस लापरवाही के लिए जवाबदेही किसकी तय होगी।

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