मोतिहारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में मुफ्फसिल थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाइक चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को गुप्त रूप से सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ शातिर लोग सक्रिय हैं जो लगातार मोटरसाइकिलों को अपना निशाना बना रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने हसुआहां गांव में घेराबंदी करते हुए छापेमारी की और कुल चार आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा।
छापेमारी में बरामदगी
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने न केवल चोरी की गाड़ियां बरामद कीं, बल्कि चोरी के काम में इस्तेमाल होने वाले तमाम औजार भी जब्त किए। पुलिस ने मौके से पांच मोटरसाइकिलें, कई मास्टर चाबियां और बाइक के पुर्जे बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान श्यामबाबू कुमार, सुखल मुखिया, खलीफा मुखिया और राहुल कुमार के रूप में की गई है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी काफी समय से संगठित तरीके से बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे और जिले के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय थे।
कहां क्या मिला
पुलिस ने जब आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। श्यामबाबू कुमार के घर से एक सुपर स्प्लेंडर बाइक मिली, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। साथ ही उसके पास से कई मास्टर चाबियां भी बरामद की गईं। सुखल मुखिया के ठिकाने से पुलिस ने एक ऐसी हीरो होंडा मोटरसाइकिल बरामद की, जिसकी नंबर प्लेट को बुरी तरह घिस दिया गया था ताकि उसकी पहचान न हो सके। वहीं खलीफा मुखिया के घर से तीन चोरी की मोटरसाइकिलें और बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल के खुले हुए पार्ट्स तथा चोरी में काम आने वाले उपकरण जब्त किए गए हैं।
कैसे काम करता था गिरोह
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अकेले काम नहीं करते थे, बल्कि गिरोह के अन्य साथियों के साथ मिलकर जिले के कई इलाकों से बाइक उड़ाते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि ये चोर अपनी चोरी की गई गाड़ियों को शराब कारोबारियों और अन्य संदिग्ध लोगों को बेचकर मोटी कमाई करते थे। पुलिस का मानना है कि इस गैंग का नेटवर्क काफी गहरा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं जो इस गैर-कानूनी धंधे में मदद कर रहे थे।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस पूरे मामले में मुफ्फसिल थाने में कांड संख्या 424/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपियों के बयानों के आधार पर गिरोह के बाकी बचे सदस्यों की पहचान कर रही है और उनकी धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारी इस बात की भी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि अब तक कितनी और गाड़ियां इन लोगों ने बेची हैं और उनका खरीदार कौन था। इस कार्रवाई को जिले में बढ़ते हुए वाहन चोरी के मामलों पर एक प्रभावी प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है।
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