वेनेजुएला में मर्चेंट नेवी नाविक की मौत पर बवाल, शव से गायब मिले दिल और दिमाग जैसे कई अंग

वेनेजुएला में कार्यरत भारतीय नाविक राकेश चौहान का शव जब भारत पहुंचा तो परिवार के होश उड़ गए, क्योंकि शव से कई महत्वपूर्ण आंतरिक अंग गायब थे। परिजनों ने मामले में बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

गंभीर मामले का खुलासा

वेनेजुएला में मर्चेंट नेवी में कार्यरत एक भारतीय नाविक के साथ हुई घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। 33 वर्षीय राकेश चौहान का शव जब लंबे समय के बाद स्वदेश पहुंचा, तो परिवार वालों को जो स्थिति देखने को मिली, उसने सभी को सन्न कर दिया। शव के दोबारा पोस्टमार्टम के दौरान यह बात सामने आई कि शरीर से दिमाग, दिल, फेफड़े और लीवर जैसे महत्वपूर्ण अंग गायब हैं। इस भयावह खुलासे के बाद परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और इसे एक गहरी साजिश बताया है। फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए वेनेजुएला के प्रशासन और भारतीय अधिकारियों से त्वरित जांच की मांग की है।

मर्चेंट नेवी में सफर और दुखद अंत

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूल निवासी राकेश चौहान अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते थे। उन्होंने नवंबर 2025 में अपने करियर की शुरुआत मर्चेंट नेवी के साथ की थी और वेनेजुएला में मरीन फिटर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। कंपनी ने 7 मई को परिवार को फोन करके सूचित किया कि जहाज पर काम के दौरान राकेश को चक्कर आए और वे बुरी तरह गिर गए। अगले दिन परिवार को उनकी स्थिति नाजुक होने की सूचना दी गई और अंत में यह बताया गया कि इलाज के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गंभीर सवाल

राकेश का शव करीब एक महीने बाद भारत लाया गया। जब परिजनों ने गहन जांच के लिए दोबारा पोस्टमार्टम करवाया, तो जो तथ्य निकलकर आए, उन्होंने सबको चौंका दिया। शरीर से प्रमुख अंग गायब होने के कारण स्थिति बेहद संदिग्ध हो गई है। FSUI ने इस मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। यूनियन के अनुसार:

  • परिवार की सहमति के बिना शव से अंगों को किस आधार पर निकाला गया?
  • पोस्टमार्टम की आधिकारिक रिपोर्ट परिवार को क्यों नहीं दी गई?
  • शव को भारत भेजने से पहले परिवार को पूरी जानकारी देने में क्यों कोताही बरती गई?
  • शव की प्राप्ति रसीद पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी होने का आरोप क्यों लग रहा है?
  • रोजगार अनुबंध में दर्ज जहाज का नाम उस जहाज से भिन्न क्यों है जिस पर राकेश ड्यूटी कर रहे थे?

न्याय की गुहार

यूनियन और पीड़ित परिवार का कहना है कि ये विसंगतियां स्पष्ट रूप से किसी बड़े अपराध या अंग तस्करी जैसी साजिश की ओर इशारा करती हैं। FSUI ने भारतीय दूतावास से आग्रह किया है कि वेनेजुएला में मौजूद अधिकारियों के साथ समन्वय कर मामले की गहराई से छानबीन की जाए। परिवार का आरोप है कि उन्हें अंधेरे में रखा गया और उनके साथ जो हुआ, वह अमानवीय है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों को सजा कैसे मिलेगी।

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