समाजवादी पार्टी में जन्मदिन की धूम
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। लखनऊ से लेकर इटावा तक पार्टी के समर्थक जश्न में डूबे रहे और जगह-जगह पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर पार्टी के दिग्गज नेताओं ने अपने अध्यक्ष के व्यक्तित्व और उनकी राजनीति की जमकर सराहना की है।
एस.टी. हसन ने की तुलना
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले एस.टी. हसन ने अखिलेश यादव के जन्मदिन पर उनके व्यक्तित्व की तुलना ऐसे महापुरुषों से की है, जो सदियों में एक बार पैदा होते हैं। हसन ने कहा कि वर्तमान में देश जिस दौर से गुजर रहा है, वहां अखिलेश यादव जैसे नेतृत्व की सख्त आवश्यकता है।
उन्होंने अखिलेश को केवल एक नेता नहीं, बल्कि साम्प्रदायिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का सबसे बड़ा रक्षक बताया। हसन ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के दौर को याद करते हुए कहा कि मुलायम और अखिलेश, दोनों ने हमेशा संवैधानिक दायरे में रहकर राजनीति की है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने हमेशा 'सबका साथ' की नीति का पालन किया है। कई बार इस आदर्शवादी नीति के कारण पार्टी को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन अखिलेश यादव ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
राम गोपाल यादव का चुनावी आह्वान
इटावा में एक पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने अखिलेश यादव को स्पष्ट रूप से भविष्य का मुख्यमंत्री घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश की आम जनता मौजूदा दमनकारी शासन व्यवस्था से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है। राम गोपाल यादव ने जनता की उम्मीदों पर जोर देते हुए कहा कि केवल अखिलेश यादव ही इस अत्याचारी शासन से प्रदेश को मुक्ति दिला सकते हैं। उन्होंने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ 2027 के विधानसभा चुनावों में उतरेगी और इस दमनकारी शासन को पूरी तरह सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।
पीडीए और समावेशी राजनीति पर जोर
पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भी अखिलेश यादव के जन्मदिन को एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया। शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अखिलेश यादव को संघर्ष और समाजवादी विचारधारा का एक प्रतिबद्ध प्रहरी बताया है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का आंदोलन उत्तर प्रदेश में एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभर चुका है।
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, अखिलेश यादव की समावेशी राजनीति और विकास के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता ही आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का मुख्य आधार साबित होगी। समाजवादी पार्टी के भीतर इसे केवल एक जन्मदिन का जश्न नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक संकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि यह जन्मदिन समारोह पूरे एक सप्ताह तक जारी रहेगा। इस दौरान पौधारोपण के माध्यम से राजनीतिक नफरत को खत्म करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
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