75 साल की उम्र में भी जारी है ज्ञान की भूख, 32 डिग्रियां लेने वाले मिल्खी राम ने फिर दी परीक्षा

हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 75 वर्षीय डॉ. मिल्खी राम ने अब तक कुल 32 डिग्रियां हासिल की हैं और उम्र के इस पड़ाव पर भी वे एक नई डिग्री के लिए परीक्षा दे रहे हैं। उनकी इस मेहनत और जज्बे को देखकर हर कोई हैरान है।

शिक्षा का कोई अंत नहीं

अक्सर लोग कहते हैं कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती है, लेकिन इस बात को हकीकत में जीकर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 75 वर्षीय डॉ. मिल्खी राम ने। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर व्यक्ति के मन में कुछ सीखने की प्रबल इच्छा हो, तो परिस्थितियां और उम्र कभी भी आड़े नहीं आती हैं। डॉ. मिल्खी राम अब तक कुल 32 डिग्रियां अपने नाम कर चुके हैं और उनका मन अभी भी भरा नहीं है। हाल ही में उन्होंने एक और डिग्री हासिल करने के उद्देश्य से परीक्षा में भाग लिया है।

हमीरपुर के परीक्षा केंद्र में पहुंचे

कांगड़ा जिले के गंदड़ गांव के निवासी डॉ. मिल्खी राम ने अपनी इस नई उपलब्धि के लिए हमीरपुर स्थित इग्नू केंद्र का रुख किया। वहां उन्होंने आचार्य की परीक्षा दी। 75 वर्ष की आयु में उन्हें परीक्षा केंद्र में बैठकर पेपर लिखते हुए देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति दंग रह गया। उनकी इस लगन को देखकर इग्नू केंद्र, हमीरपुर के प्रभारी प्रोफेसर संजय कुमार ने उनका विशेष स्वागत किया। उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया गया और उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा की सराहना की गई।

जीवन का सफर और डिग्रियों का कारवां

डॉ. मिल्खी राम का जन्म 10 फरवरी 1952 को हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा का सफर धर्मशाला के एक निजी कॉलेज से शुरू किया, जहां से उन्होंने 1970 में यानी 24 वर्ष की आयु में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद 1972 में वे वन विभाग में भर्ती हो गए। नौकरी के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने का साहसी निर्णय लिया। 2010 में जब वे वन विभाग से ग्रेड वन के पद से सेवानिवृत्त हुए, तब तक वे 26 डिग्रियां हासिल कर चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला नहीं तोड़ा और अब तक उनकी कुल डिग्रियों की संख्या 32 तक पहुंच चुकी है।

कई विषयों में हासिल की महारत

डॉ. मिल्खी राम ने जिन विषयों में डिग्रियां प्राप्त की हैं, उनकी सूची काफी लंबी है। इसमें बीए, प्रभाकर, बीएड, एलएलबी, जेएमसी, संस्कृत, एमए हिंदी, एमए पॉलिटिकल साइंस, सोशोलॉजी, हिस्ट्री, इंग्लिश, इकोनॉमिक्स, एमबीए, एम फिल और हिंदी में पीएचडी जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। 1976 में पहली डिग्री लेने वाले डॉ. मिल्खी राम ने अपनी पढ़ाई की गति को कभी धीमा नहीं होने दिया।

प्रेरणा का स्रोत

अपनी इस अद्भुत यात्रा के बारे में बात करते हुए डॉ. मिल्खी राम ने बताया कि वे डॉ. बाबा भीमराव अंबेडकर के जीवन और उनके विचारों से बेहद प्रेरित हैं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी धर्मपत्नी विद्या देवी को दिया, जो स्वयं भी वन विभाग से ग्रेड वन अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। डॉ. राम के अनुसार, उनकी पत्नी, उनके बेटे राकेश कुमार—जो कि भारतीय रेलवे में आईआरटीएस अधिकारी हैं—और उनकी बहू का उन्हें पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने हाल ही में अपनी आंखों का इलाज भी करवाया ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए। प्रोफेसर संजय कुमार का मानना है कि इस उम्र में परीक्षा में डटे रहना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणा स्रोत है।

https://hindi.news18.com/news/himachal-pradesh/hamirpur-ajab-gajab-meet-dr-milkhi-ram-who-have-32-degrees-and-now-gave-exam-for-one-more-local18-ws-l-10618850.html