प्रदेश ने खोया अपना एक वरिष्ठ नेता
हिमाचल प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले कद्दावर नेता राजा विजेंद्र सिंह का निधन हो गया है। वे 80 वर्ष के थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्होंने दिल्ली में अपने अंतिम सांस ली। राजा विजेंद्र सिंह अपने पीछे एक समृद्ध राजनीतिक विरासत छोड़ गए हैं और उनके निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
पांच बार के विधायक और राजनीतिक सफर
राजा विजेंद्र सिंह का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपने जीवनकाल में पांच बार विधानसभा का चुनाव जीता और सदन में नालागढ़ क्षेत्र की आवाज को मजबूती से उठाया। वे मुख्य रूप से 1977, 1982, 1985, 1990 और 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुनकर आए थे। उनके लंबे संसदीय अनुभव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
उनकी प्रशासनिक भूमिकाओं की बात करें तो, उन्होंने मई 1982 से अप्रैल 1983 तक मुख्य संसदीय सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद, उन्होंने राम लाल ठाकुर की सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री का पद भी संभाला। वे विशेष रूप से 1983 से 1984 और फिर 1988 से 1989 के दौरान इस महत्वपूर्ण विभाग की कमान संभालते हुए स्वास्थ्य मंत्री रहे।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जताया दुख
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा विजेंद्र सिंह का हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास, और विशेषकर सोलन जिले के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की प्रगति में अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने उनके समाज कल्याण के कार्यों को याद करते हुए कहा कि प्रदेश के लोग उन्हें उनके निस्वार्थ भाव और सेवा के लिए हमेशा याद रखेंगे। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कामना की कि ईश्वर परिजनों को इस कठिन समय में अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दे।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दी श्रद्धांजलि
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी राजा विजेंद्र सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के पूर्व विधायक के चले जाने से प्रदेश की राजनीति में एक रिक्तता आ गई है। जयराम ठाकुर ने उनके व्यक्तित्व का स्मरण करते हुए कहा कि उनका विनम्र स्वभाव, जनहित के प्रति अडिग समर्पण और हर किसी के साथ आत्मीय व्यवहार लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार व शुभचिंतकों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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