झारखंड के पाकुड़ में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना
झारखंड के पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बूढ़ीडूबा गांव से एक अत्यंत विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ प्रेम संबंधों के संदेह में एक विवाहित महिला और एक युवक के साथ ऐसी तालिबानी बर्बरता की गई जिसने पूरे समाज का सिर शर्म से झुका दिया है। आरोप है कि महिला के पति और उसके साथियों ने इन दोनों को पकड़ लिया और फिर उनके कपड़े फाड़कर उन्हें अर्धनग्न अवस्था में पूरे गांव में घुमाया। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही अमड़ापाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित महिला व युवक को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। पीड़ितों को तत्काल प्रभाव से मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें थाना प्रभारी अनूप रोशन भंगरा और सब-इंस्पेक्टर चंदन कुमार शामिल थे, ने स्थिति का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ विजय कुमार पूरे प्रकरण पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने 49/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं का प्रयोग किया गया है। पुलिस ने कुल 7 लोगों को नामजद किया है, जबकि 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
पति की साजिश और गांव की चुप्पी
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि पीड़ित महिला का ससुराल और मायका दोनों ही अमड़ापाड़ा के क्षेत्र में हैं, जबकि पीड़ित युवक साहेबगंज जिले के बोरियो प्रखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। इस पूरी घटना के पीछे महिला के पति का मुख्य हाथ होने की बात कही जा रही है, जिसके इशारे पर ग्रामीणों ने यह क्रूर कृत्य अंजाम दिया। वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि घटनास्थल पर मौजूद तमाशबीन लोग इसे रोकने के बजाय चुपचाप देखते रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान गांव की पंचायत से जुड़े कुछ लोग भी वहां मौजूद थे।
प्रधान की भूमिका पर उठे बड़े सवाल
इस घटना में स्थानीय प्रधान की संदिग्ध भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि यह अमानवीय कृत्य प्रधान की जानकारी में हुआ, फिर भी उन्होंने पुलिस को सूचित करने की जहमत नहीं उठाई। इस लापरवाही के कारण प्रशासन ने प्रधान से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है। पंचायत मुखिया साहेबजान टुडू ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और आदिवासी समाज में नारी का सम्मान सर्वोपरि है।
कानूनी कार्रवाई का आश्वासन
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति समाज के लिए कितनी घातक है। पुलिस ने यह भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी और सभी दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस सुनियोजित अपराध में शामिल अन्य आरोपी कब तक पकड़े जाते हैं। यह मामला न केवल पीड़ित परिवारों के लिए बल्कि पूरे समुदाय की मर्यादा के लिए एक काला धब्बा साबित हुआ है।
https://www.indiatv.in/crime/jharkhand-pakur-district-husband-paraded-his-wife-and-man-after-stripping-them-suspecting-an-illicit-affair-2026-07-01-1228446