अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: पुलिस और SIT की जांच तेज, 70 लोगों को भेजा गया नोटिस, बैंक कर्मचारी भी शक के दायरे में

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और गबन के मामले में जांच तेज हो गई है। पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े करीब 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है और कई आरोपियों से जेल में पूछताछ की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय गबन के मामले में पुलिस प्रशासन और विशेष जांच टीम (SIT) पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। इस बड़े घपले का पर्दाफाश करने के लिए जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई की रफ्तार काफी बढ़ा दी है। पुलिस ने इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किया है और उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है। इसके साथ ही, जिला जेल में बंद मुख्य आरोपियों से भी लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे खेल के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके। इसी सिलसिले में मंगलवार को जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब 2 घंटे तक बेहद गहन पूछताछ की गई थी, जबकि आज टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।

विभिन्न स्तरों पर आगे बढ़ रही है पुलिस की जांच

इस बड़े वित्तीय घपले की जांच के लिए पुलिस हर स्तर पर काम कर रही है। पुलिस ने राम मंदिर परिसर और ट्रस्ट से जुड़े लगभग 70 लोगों को औपचारिक नोटिस भेजकर पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन लोगों में मुख्य रूप से वे कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं जो चढ़ावे के प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया और बैंकिंग सिस्टम की देखरेख करते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच बेहद संवेदनशील है और हर बारीक पहलू को खंगाला जा रहा है। हाल ही में जिला कारागार में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला से पुलिस अधिकारियों ने करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, बीते 5 जून को अविनाश के कौशलपुरी स्थित आवास पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने लाखों रुपये की नकदी और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे, जिनका मिलान अब ट्रस्ट के बही-खातों से किया जा रहा है।

लाखों रुपये की बरामदगी पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

जांच टीम का मुख्य ध्यान अब इस बात पर केंद्रित है कि आरोपियों के घरों से मिली यह बड़ी रकम कहां से आई थी, इसे किस तरह मंदिर परिसर से बाहर निकाला गया और किस मकसद से जमा करके रखा गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी क्षेत्र में निवास करता था, जहां इस मामले के दो अन्य आरोपी अनुकल्प और लवकुश भी रहते थे। पुलिस को अंदेशा है कि इन तीनों के बीच इस चोरी को लेकर गहरा तालमेल था। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि अविनाश ने इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा अपने भाई के योग सेंटर में भी लगाया था। पुलिस अब इस मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है कि क्या चढ़ावे की चोरी के पैसे का उपयोग व्यक्तिगत खर्चों, रियल एस्टेट में निवेश या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि में किया गया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और मैनेजमेंट भी जांच के दायरे में

राम मंदिर में आने वाले भारी-भरकम चढ़ावे के नकदी प्रबंधन और हिसाब-किताब की मुख्य जिम्मेदारी सरकारी बैंक SBI के पास थी। ऐसे में अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इतनी बड़ी सुरक्षा और निगरानी प्रणाली के बावजूद सुरक्षा में यह चूक कैसे हुई। शुरुआती दौर की जांच के बाद बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैंक के कुछ विशिष्ट कर्मचारी अब पूरी तरह से पुलिस के निशाने पर हैं और बहुत जल्द उनसे आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा सकती है। इसके साथ ही, चढ़ावे की सुरक्षा के लिए बनाए गए आंतरिक सिस्टम और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को भी खंगाला जा रहा है।

ट्रस्ट से जुड़े 70 लोगों को नोटिस और बयानों का मिलान

गबन के इस मामले में पुलिस ने राम मंदिर ट्रस्ट और उसके अधीन आने वाले विभिन्न विभागों के करीब 70 लोगों को नोटिस थमाया है। इन सभी लोगों को बहुत जल्द जांच टीम के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। पुलिस इस पूछताछ के जरिए यह समझना चाहती है कि दैनिक चढ़ावे के संकलन और बैंक में जमा करने की पूरी प्रक्रिया में कहां पर लापरवाही बरती गई। आरोपियों के घरों से मिले दस्तावेजों की भी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि सच सामने आ सके।

टिन्नू यादव और अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ की तैयारी

आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में कुछ और कड़े कदम उठा सकती है। आज पुलिस द्वारा टिन्नू यादव और कुछ अन्य आरोपियों से जेल में पूछताछ किए जाने की प्रबल संभावना है। इससे पहले भी इस मामले में जिन 8 आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है, उनके बयानों और जवाबों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब अपनी आगे की कानूनी रणनीति तैयार कर रही हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस ट्रस्ट के कुछ बड़े पदाधिकारियों की भूमिका पर भी नजर बनाए हुए है। चंपत राय के पूर्व बयानों और ट्रस्ट कार्यालय में हुई छापेमारी के दौरान जब्त किए गए फाइलों की भी पड़ताल जारी है।

एसबीआई कर्मचारियों की लापरवाही पर भी है कड़ी नजर

अब तक की जांच में यह साफ संकेत मिले हैं कि बैंकिंग प्रक्रिया में बरती गई भारी लापरवाही के कारण ही चढ़ावे की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ संभव हो पाया। इसी वजह से SBI के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि दर्ज किए गए सभी बयानों और दस्तावेजों के आधार पर जल्द ही अदालत में एक नई अर्जी दाखिल की जाएगी, जिसके जरिए टिन्नू यादव और अन्य आरोपियों को दोबारा पुलिस रिमांड पर लेने की अनुमति मांगी जाएगी। इसके अलावा, मामले की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने के लिए आने वाले समय में अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।

https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/ram-mandir-donation-theft-probe-intensifies-as-sit-issues-notices-to-70-people-2026-07-01-1228413