परंपरा और स्वाद का अनूठा मेल
उदयपुर के जगदीश चौक मार्ग पर स्थित एक मिष्ठान भंडार पिछले 200 साल से अपनी एक विशेष परंपरा के लिए मशहूर है। इस दुकान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आने वाले हर ग्राहक का अभिवादन एक आध्यात्मिक अंदाज़ में किया जाता है। जो भी व्यक्ति दुकान पर आकर सम्मान के साथ हरि ॐ का उच्चारण करता है, उसे दुकानदार द्वारा प्रेमपूर्वक एक खास मिठाई भेंट की जाती है। यह अनोखी रीत इस दुकान को शहर के अन्य स्थानों से अलग बनाती है।
गुलाब पासा की खास पहचान
इस दुकान की सबसे लोकप्रिय मिठाई गुलाब पासा है। इसे शुद्ध दूध, गुलाब की पंखुड़ियों और शक्कर के मिश्रण से पुरानी पारंपरिक विधि के द्वारा तैयार किया जाता है। स्वाद के शौकीन लोगों के बीच यह मिठाई अपनी शुद्धता और खुशबू के कारण काफी पसंद की जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी उसी निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
यह दुकान आज केवल मिठाई बेचने का जरिया नहीं रह गई है, बल्कि यह उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत हिस्सा बन चुकी है। शहर में आने वाले पर्यटक भी इस अनूठी परंपरा को देखने और गुलाब पासा का स्वाद चखने के लिए यहां जरूर पहुंचते हैं। उदयपुर की यह ऐतिहासिक मिष्ठान दुकान अपने पारंपरिक आतिथ्य सत्कार के लिए आज भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
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