दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026: बदल गए सब्सिडी पाने के नियम
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने नई दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। राजधानी को 31 मार्च 2030 तक प्रदूषण मुक्त बनाने के विजन के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक ऐतिहासिक पहल करार दिया है। इस नई नीति के लागू होते ही इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सब्सिडी का लाभ पाने के लिए वाहन मालिकों को पहले की तरह डीलर पर निर्भर नहीं रहना होगा, बल्कि स्वयं जिम्मेदारी उठानी होगी।
30 दिन के भीतर करना होगा आवेदन
नई व्यवस्था के तहत सब्सिडी के नियमों में अहम फेरबदल हुआ है। पहले जब कोई ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता था, तो डीलर ही कागजी कार्रवाई और सब्सिडी आवेदन की सारी प्रक्रिया पूरी कर देते थे। अब यह सुविधा समाप्त कर दी गई है। अब वाहन मालिक को अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी (RC) जारी होने के 30 दिनों के भीतर एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर खुद सब्सिडी के लिए दावा पेश करना होगा। यदि कोई भी खरीदार इस तय सीमा के भीतर आवेदन करने में असफल रहता है, तो उसे सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिलेगा।
ऑनलाइन पोर्टल और आवेदन की प्रक्रिया
दिल्ली परिवहन विभाग बहुत जल्द सब्सिडी आवेदनों को प्रोसेस करने और पूरी योजना की डिजिटल निगरानी के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पोर्टल एक सप्ताह के भीतर लाइव कर दिया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से ही सब्सिडी के दावों को प्रोसेस किया जाएगा। जैसे ही खरीदार इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराकर सब्सिडी के लिए दावा करेगा, परिवहन विभाग द्वारा उसकी जांच की जाएगी। विभाग से मंजूरी मिलने के उपरांत सब्सिडी की राशि सीधे खरीदार के बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी।
आधार लिंक्ड खाते में होगा राशि का भुगतान
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे केंद्र सरकार के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) से जोड़ा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सब्सिडी की राशि केवल उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी जो खरीदार के आधार से लिंक होगा। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक सहायता सीधे पात्र व्यक्ति तक ही पहुंचे।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली रियायतें
नई दिल्ली ईवी पॉलिसी के तहत सरकार विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक इंसेंटिव दे रही है:
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी तीन साल तक मिलेगी। पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- थ्री-व्हीलर: ई-रिक्शा और अन्य थ्री-व्हीलर खरीदारों को 50,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
- फोर-व्हीलर: नई इलेक्ट्रिक कारों पर 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत होने पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलेगी।
- स्क्रैपिंग इंसेंटिव: बीएस-IV (BS-IV) फोर-व्हीलर मालिकों को अपना पुराना वाहन स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा।
रियल-टाइम डैशबोर्ड से मिलेगी मदद
ईवी चालकों की सहूलियत के लिए दिल्ली सरकार एक रियल-टाइम ईवी डैशबोर्ड भी तैयार कर रही है। इस डैशबोर्ड के जरिए लोग अपने घर से निकलने से पहले ही मोबाइल पर यह देख सकेंगे कि नजदीकी चार्जिंग स्टेशन पर कितनी जगह खाली है। इस डिजिटल सुविधा से चार्जिंग स्टेशन का सटीक स्थान, उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या, चार्जिंग क्षमता और संभावित वेटिंग टाइम जैसी महत्वपूर्ण जानकारी रियल-टाइम में मिल सकेगी। इस नई नीति से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को लेकर लोगों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
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