मुंबई में पानी की चोरी पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, 6 महीने में काटे गए 2,257 अवैध कनेक्शन

मुंबई में जल संकट के बीच अवैध रूप से पानी का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बीएमसी अब अवैध कनेक्शनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रही है और दोषियों पर दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।

अवैध कनेक्शनों के खिलाफ चला प्रशासन का डंडा

आर्थिक राजधानी मुंबई में पानी की बढ़ती किल्लत और जल संकट के विकट हालात के बीच, स्थानीय प्रशासन ने जल चोरों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने हाल ही में विधान परिषद में जानकारी दी कि पिछले छह महीनों के भीतर मुंबई महानगर में 2,257 अवैध पानी के कनेक्शनों को पूरी तरह से काट दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आने वाले समय में यह मुहिम और अधिक तेज की जाएगी ताकि शहर में पानी की बर्बादी और चोरी को रोका जा सके।

वर्तमान में मुंबई को जल आपूर्ति करने वाले सात प्रमुख जलाशयों में जल स्तर काफी चिंताजनक स्थिति में है, जिसकी वजह से शहर के कई इलाकों में पानी की कटौती का सामना करना पड़ रहा है। इस नाजुक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पानी की चोरी को रोकने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

बीएमसी का विशेष 90 दिवसीय अभियान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य (MLC) राजहंस सिंह द्वारा सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उठाए गए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जवाब देते हुए मंत्री उदय सामंत ने बताया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) अब एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने नगर विकास विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से स्पष्ट किया कि निगम जल्द ही अवैध पानी के कनेक्शनों को जड़ से खत्म करने के लिए 90 दिनों का एक विशेष अभियान शुरू करने वाला है।

निर्माण कार्यों में पानी की हो रही थी अवैध खपत

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के द्वारा सदन में रखे गए लिखित उत्तर के मुताबिक, बीएमसी की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों को कुर्ला में 14, मानखुर्द-गोवंडी में 22, जबकि कलिना और मालवणी जैसे क्षेत्रों में 5-5 अवैध कनेक्शन मिले हैं। इन अवैध लाइनों का उपयोग मुख्य रूप से विभिन्न निर्माण कार्यों और कमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जिन्हें अब प्रशासन ने मुख्य जल आपूर्ति लाइनों से अलग कर दिया है।

कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान

सरकार ने सदन को सूचित किया है कि इन मामलों में मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 के अंतर्गत सख्त कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित पुलिस थानों में आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा जमाए बैठे 30 अवैध गैराजों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई गई है।

बीएमसी के नियमों के अनुसार, अवैध रूप से पानी की चोरी करने वालों को सामान्य शुल्क की तुलना में दोगुना जुर्माना भरना पड़ता है। कुर्ला वार्ड में एलबीएस मार्ग के आसपास कई होटल, लॉज और कमर्शियल प्रतिष्ठानों में अक्सर पानी की चोरी की शिकायतें मिलती हैं, जिन्हें अब पुलिस और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के सहयोग से तुरंत हटा दिया जाता है।

ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था का विकल्प

बीएमसी शहर के प्रत्येक वार्ड में नियमित अंतराल पर सर्वे करती है ताकि पानी की चोरी और अवैध निर्माणों पर नकेल कसी जा सके। नागरिकों के लिए भी सुविधा प्रदान की गई है, जहाँ वे 'रिमूवल ऑफ एनक्रोचमेंट एंड ट्रैकिंग मैनेजमेंट सिस्टम' के जरिए ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अवैध पाइपलाइन, अतिक्रमण और निर्माणों के खिलाफ यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।

https://www.indiatv.in/maharashtra/mumbai-water-crisis-2257-illegal-water-connections-disconnected-in-6-months-double-penalty-will-be-imposed-2026-07-01-1228373