आम की खेती का नया दौर: अब साल के 12 महीने मिलेगा फल, किसानों की आमदनी में होगा जबरदस्त इजाफा

ऑल टाइम मैंगो की खेती किसानों के बीच एक नई क्रांति बनकर उभरी है, क्योंकि यह किस्म सालभर फल देने में सक्षम है। बारिश का मौसम इसके रोपण के लिए सबसे मुफीद है और वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

आम के शौकीनों और किसानों के लिए खुशखबरी

कृषि के क्षेत्र में नए प्रयोगों और आधुनिक किस्मों ने किसानों की किस्मत बदलने का काम किया है। आम की बागवानी के पारंपरिक तरीके अब बदल रहे हैं और इसकी जगह ले रही है ऑल टाइम मैंगो की खेती। आम की यह अनूठी किस्म अब किसानों के लिए कमाई का नया जरिया बन गई है। इस आम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल एक सीजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि साल के 12 महीने इसमें फल और मंजर आते रहते हैं। यही कारण है कि बाजार में इसकी भारी मांग बनी रहती है और किसान पारंपरिक खेती के मुकाबले इससे कहीं अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।

पौधे लगाने का सही समय और तरीका

भोजपुर जिले के गुड़ी गांव स्थित किसान नर्सरी के संचालक मुना पाठक के अनुसार, इस समय यानी बारिश का मौसम आम के नए पौधे लगाने के लिए सबसे उपयुक्त है। इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहती है, जो पौधों की जड़ों के विकास के लिए बेहद सहायक होती है। हालांकि, यदि खेतों में सिंचाई की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो किसान साल के किसी भी महीने में इस पौधे की रोपाई कर सकते हैं। पौधा लगाने से पहले खेत में सही आकार का गड्ढा खोदना जरूरी है। गड्ढे में गोबर की सड़ी हुई खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक उर्वरकों का सही मिश्रण डालने से पौधे की वृद्धि तेज और स्वस्थ होती है।

देखभाल और उत्पादन प्रबंधन

पौधे लगाने के बाद उसकी देखरेख में कोताही नहीं बरतनी चाहिए। मुना पाठक के मुताबिक, शुरुआती दिनों में नियमित रूप से सिंचाई करना और खाद की मात्रा का सही संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, फसलों को कीटों और रोगों से बचाना भी जरूरी है। पौधों के बीच उचित दूरी का ध्यान रखना और समय-समय पर पेड़ों की छंटाई करना एक कुशल किसान की पहचान है। सही तरीके से छंटाई करने पर पेड़ का विकास संतुलित होता है, जिससे फलों की गुणवत्ता और संख्या में सुधार आता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर खेती करने से कम जगह में भी बंपर पैदावार प्राप्त की जा सकती है।

क्यों लोकप्रिय हो रहा है ऑल टाइम मैंगो

पारंपरिक आम की खेती में किसान को साल में केवल एक बार ही आमदनी होती है, लेकिन ऑल टाइम मैंगो ने इस निर्भरता को खत्म कर दिया है। चूंकि इस पेड़ पर लगभग पूरे साल या तो फल लदे रहते हैं या फिर फूल (मंजर) आते हैं, इसलिए किसानों को हर मौसम में कमाई का अवसर मिलता रहता है। इसी कारण से भोजपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी किसान इस किस्म की जानकारी लेने और पौधे खरीदने के लिए नर्सरी का रुख कर रहे हैं।

नर्सरी से तकनीकी सहायता

किसानों की मदद के लिए किसान नर्सरी में न केवल ऑल टाइम मैंगो के पौधे उपलब्ध हैं, बल्कि यहां विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श भी मिलता है। रोपाई की विधि, उर्वरक प्रबंधन, पौधों की सुरक्षा और उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए, इन सभी विषयों पर किसानों को प्रशिक्षित किया जाता है। आधुनिक समय में केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय बागवानी को अपनाना किसानों के लिए एक स्मार्ट विकल्प साबित हो रहा है। यदि सही तकनीक और मेहनत का सही तालमेल बैठाया जाए, तो यह खेती किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए एक वरदान साबित हो सकती है।

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