नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम पड़े पीछे, NCR का नया रियल एस्टेट हब बना दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इलाका

दिल्ली-एनसीआर में घर तलाश रहे लोगों के लिए मेरठ एक्सप्रेसवे का क्षेत्र नया विकल्प बनकर उभरा है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी और नए इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है।

दिल्ली-एनसीआर में अपने घर का सपना हर कोई संजोता है, मगर इसे साकार करना आसान नहीं होता। अब तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम को ही रियल एस्टेट का केंद्र माना जाता रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इलाका तेजी से एक नए हब के रूप में सामने आ रहा है। प्रॉपर्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यहां मांग लगातार ऊपर जा रही है और इसके आसपास कई नई लग्जरी टाउनशिप शुरू हो रही हैं।

क्यों उभर रहा है नया कॉरिडोर

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को आज एनसीआर के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट कॉरिडोर में गिना जा रहा है। खासकर गाजियाबाद, सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी, दुहाई और मेरठ के इर्द-गिर्द संपत्ति की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे बड़ी वजह बेहतर कनेक्टिविटी, RRTS (नमो भारत) और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हैं। अगर आप प्रीमियम लिविंग चाहते हैं, लेकिन बजट की सीमाओं में बंधे हैं, तो इस एक्सप्रेसवे पर लॉन्च हुआ नया प्रोजेक्ट आपके सपने को पूरा कर सकता है।

कॉसमॉस कॉर्नर प्रोजेक्ट की जानकारी

मैजिक ब्रिक्स और 99एकड़ के मुताबिक, एयू रियल एस्टेट ने कॉसमॉस कॉर्नर नाम से नया प्रोजेक्ट लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआती कीमत 6,900 प्रति वर्गफुट रखी गई है। करीब 5.6 एकड़ में विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट में 40 मंजिला तीन टॉवरों में कुल 831 प्रीमियम घर बनाए जाएंगे। इसमें विशाल 3BHK और 5BHK आवासीय यूनिट्स उपलब्ध हैं, जिन्हें आधुनिक परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

क्या है इस प्रोजेक्ट की खासियत

इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी कॉर्नर यूनिट्स में 8 फीट चौड़ा L-शेप्ड सनडेक दिया गया है और हर फ्लोर पर केवल 7 फ्लैट्स के लिए 7 हाई-स्पीड लिफ्ट्स हैं, जो बेहतर रोशनी, प्राकृतिक वेंटिलेशन और अधिक प्राइवेसी सुनिश्चित करती हैं। क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, जिम, योगा लॉन, पैडल कोर्ट और वर्किंग लाउंज जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ यह प्रोजेक्ट एंड-यूजर्स और निवेशकों, दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बनकर सामने आया है।

कनेक्टिविटी ने बढ़ाई मांग

कनेक्टिविटी के मामले में सिद्धार्थ विहार तेजी से खरीदारों और निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के किनारे बसा यह क्षेत्र नोएडा, पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराता है। यहां से नोएडा सेक्टर-62 महज कुछ मिनटों की दूरी पर है, जबकि अक्षरधाम और कनॉट प्लेस तक भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। नमो भारत (RRTS), मेट्रो नेटवर्क, हिंडन एलिवेटेड रोड और रेलवे कनेक्टिविटी ने इस इलाके को एनसीआर के सबसे बेहतर कनेक्टेड माइक्रो-मार्केट्स में शामिल कर दिया है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट के नजदीक होने के कारण आने वाले समय में यहां तेज ग्रोथ की संभावना दिखाई देती है।

अन्य प्रोजेक्ट और उनके रेट

The Prestige City : यहां 2, 3, 4, 5/6 BHK और Duplexes/Villas के विकल्प मौजूद हैं। 2BHK की कीमत 1.60 करोड़ से ऊपर है, जबकि 4 बीएचके 4 करोड़ से ज्यादा के रेट में मिल रहे हैं। कीमत 12 से 15 हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक जाती है। 99acres और Housing.com के मुताबिक, यह टाउनशिप 62 एकड़ से भी ज्यादा क्षेत्र में फैली है।

Prateek Grand Begonia : यहां 2 और 3बीएचके फ्लैट ऑफर किए जा रहे हैं। इसकी कीमत 1.29 करोड़ से 2.64 करोड़ रुपये तक है। रेट की बात करें तो यहां 9 हजार से 12 हजार रुपये प्रति वर्गफुट का भाव है। 99acres और Magicbricks के अनुसार, यह टाउनशिप 40 एकड़ में तैयार हो रही है।

Apex Quebec : इस प्रोजेक्ट में 2, 3 और 4BHK फ्लैट हैं, जिनकी कीमत 1.24 करोड़ से लेकर 3 करोड़ तक जाती है। रेट यहां 11 हजार रुपये प्रति वर्गफुट से शुरू होता है। 99acres और 360propguide के अनुसार, अपेक्स ग्रुप का यह प्रोजेक्ट 45 एकड़ में विकसित किया जा रहा है।

Apex The Kremlin : इस प्रोजेक्ट में भी 2, 3, 4BHK मकान दिए जा रहे हैं। इसकी शुरुआती कीमत 1.5 करोड़ रुपये है, जो करीब 10 से 13 हजार रुपये प्रति वर्गफुट का भाव बैठता है। 360propguide और Housing.com के अनुसार, यह प्रोजेक्ट करीब 50 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है।

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