अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: डोनाल्ड ट्रंप का जन्मजात नागरिकता पर आदेश रद्द

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता देने के नियम में बदलाव के डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को खारिज कर दिया है, जिससे संवैधानिक व्यवस्था बरकरार रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी उस कार्यकारी आदेश को सिरे से खारिज कर दिया है, जो जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करने का प्रयास कर रहा था। कोर्ट का यह निर्णय इमिग्रेशन नीतियों और देश के संवैधानिक ढांचे के भविष्य के लिहाज से एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि 14वें संशोधन के तहत अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को नागरिकता पाने का जो जन्मसिद्ध अधिकार प्राप्त है, वह पूरी तरह से मान्य और सुरक्षित है।

फैसले की मुख्य बातें

ट्रंप के इमिग्रेशन एजेंडा के खिलाफ यह फैसला 6-3 के बहुमत से आया है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को अपनी मुहर लगा दी है, जिसमें कार्यकारी आदेश को प्रतिबंधित कर दिया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का लंबे समय से यह मानना रहा है कि जन्म के आधार पर नागरिकता देने की वर्तमान व्यवस्था का इमिग्रेशन सिस्टम में दुरुपयोग हो रहा है। हालांकि, उनके इस कदम का विरोध करने वाले विशेषज्ञों और नागरिक अधिकार समूहों का आरोप था कि यह नीतियां भेदभावपूर्ण थीं और संविधान की मूल भावना के विपरीत थीं।

क्या था ट्रंप का कार्यकारी आदेश?

जनवरी 2025 में अपना कार्यभार संभालते ही डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले दिन ही इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को स्वतः नागरिकता मिलने से रोकना था, जो अमेरिका की सीमा के भीतर पैदा हुए हैं लेकिन जिनके माता-पिता या तो गैर-कानूनी रूप से वहां रह रहे हैं या फिर उनके पास केवल अस्थायी वीज़ा है। ट्रंप प्रशासन का तर्क था कि नागरिकता का अधिकार तभी मिलना चाहिए जब माता-पिता में से कम से कम एक व्यक्ति अमेरिका का नागरिक हो या फिर कानूनी रूप से स्थायी निवासी का दर्जा रखता हो।

संविधान और कोर्ट की टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का निर्णय सुनाते हुए जोर देकर कहा कि नागरिकता अमेरिकी राजनीतिक प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा है और इसका अधिकार किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 14वें संशोधन के रचनाकारों ने इस देश में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति से एक वादा किया था। जॉन रॉबर्ट्स ने संविधान में संशोधन के दौरान हुई चर्चाओं का हवाला देते हुए टिप्पणी की कि अदालत आज भी उस संवैधानिक वादे को पूरी तरह से बरकरार रखती है।

जन्मजात नागरिकता का महत्व

अमेरिकी कानून के अंतर्गत जन्मजात नागरिकता का अर्थ है कि अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में पैदा होने वाला हर बच्चा अपने आप में अमेरिकी नागरिक है। इस व्यवस्था के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • बच्चे के माता-पिता भले ही किसी दूसरे देश के नागरिक हों या उनके पास वैध दस्तावेज़ न हों, बच्चे को नागरिकता मिलती है।
  • यह अधिकार मुख्य रूप से अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (14th Amendment) द्वारा सुनिश्चित किया गया है।
  • अमेरिकी सीमा के भीतर जन्म लेने वाले हर बच्चे को बिना किसी पूर्व शर्त के यह नागरिकता प्रदान की जाती है।
  • यदि बच्चा अमेरिका से बाहर पैदा होता है लेकिन उसके माता-पिता अमेरिकी नागरिक हैं, तो वह बच्चा भी जन्म से ही अमेरिकी नागरिक माना जाता है।

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